UP News: हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में शामली पुलिस को आज सोमवार सुबह बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर कोतवाली क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो कथित शूटर गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मोहित और सुमित, दोनों निवासी सोनीपत, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों का संबंध कुख्यात गोगी गैंग से था और अंकित बालियान की हत्या में उनकी भूमिका सामने आई थी। दोनों पर पुलिस की ओर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
तड़के 4 बजे हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, आज सोमवार 31 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे सदर कोतवाली शामली क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में संदिग्ध बदमाशों की मौजूदगी की सूचना पर कार्रवाई की गई। मौके पर थाना कोतवाली शामली, थाना झिंझाना और SWAT टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों का आमना–सामना हो गया। पुलिस का दावा है कि बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्ध शूटरों को गोली लगी। घायल अवस्था में दोनों को जिला अस्पताल शामली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बदमाशों की फायरिंग में SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए हैं। पुलिस की एक गाड़ी पर भी गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है
UP News: मोहित के खिलाफ हरियाणा में दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया मोहित करीब 22 वर्ष का था। वह सोनीपत के बईयापुर खुर्द में रह रहा था, जबकि उसका मूल गांव जटवाड़ा बताया गया है। पुलिस को उसके खिलाफ हरियाणा में करीब 14 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। दूसरे आरोपी सुमित की उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है। वह सोनीपत के कुंडली इलाके की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता था। उसका मूल पता ककरौही गांव बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हरियाणा में फिलहाल एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली है।
गोगी गैंग से कनेक्शन की जांच
पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्ध शूटरों के तार कुख्यात गोगी गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है। अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार, कारतूस, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी समेत कई सामान बरामद करने का दावा किया है। बरामद वस्तुओं को अंकित हत्याकांड से जोड़कर भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से दो पिस्टल समेत बड़ी संख्या में जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, बैग, मोबाइल फोन और करीब 5 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच कर रही है, ताकि अंकित बालियान की हत्या से जुड़े अन्य आरोपियों और साजिश की कड़ियों का पता लगाया जा सके।
UP News: 26 अगस्त को जिम के बाहर हुई थी अंकित बालियान की हत्या
हरियाणवी गायक अंकित बालियान की 26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे शामली के आर्यपुरी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि अंकित जिम से बाहर निकले थे, तभी चार हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद अंकित को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पुलिस जांच में अब हत्या के पीछे कथित सुपारी का एंगल सामने आने की बात कही जा रही है। शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया पर अंकित बालियान की हत्या की सुपारी देने का आरोप सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले का संबंध अंकित के एक गाने से जोड़ा जा रहा है। बताया गया कि गोगी गैंग के सरगना जितेंद्र गोगी की दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हत्या के बाद अंकित ने एक गाना बनाया था। जितेंद्र गोगी की 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस का दावा है कि अंकित के बनाए गाने को लेकर भोलू शाहपुरिया नाराज था।
#shamlipolice
थाना कोतवाली शामली क्षेत्रान्तर्गत पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान 02 संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर दोनों संदिग्धों द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी गई। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों अभियुक्त गोली लगने से… pic.twitter.com/hVAZwGSoR6— Shamli police (@PoliceShamli) August 31, 2026
आरोप है कि उसे लगा कि गाने के जरिए जितेंद्र गोगी और गोगी गैंग को बदनाम करने की कोशिश की गई। इसी कथित विवाद के चलते अंकित की हत्या की साजिश रचे जाने और मोहित–सुमित को वारदात की जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे मामले की जांच कर रही है और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। दोनों संदिग्ध शूटरों के एनकाउंटर के बाद अब पुलिस का फोकस हत्या की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने पर है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित सुपारी की रकम किस माध्यम से पहुंची, हमलावरों को अंकित की लोकेशन किसने उपलब्ध कराई और वारदात में शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और दूसरे साक्ष्यों की तकनीकी जांच के जरिए मामले में जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
ये भी पढ़े… श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर CM योगी ने लिखी पाती, बताया- माखन चोरी में मिलता है सहजता और निश्छलता का संदेश








