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यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा का ‘टेस्ट’, 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को होगा बड़ा सियासी खेल

UP POLTICS: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव का कार्यक्रम जारी हो गया है। इन सभी सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और इसी दिन शाम को मतगणना भी की जाएगी। उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर भी इसी दिन चुनाव होगा। विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अपने विधायकों की एकजुटता, गठबंधन के समीकरण और उच्च सदन में संख्या बल को लेकर अहम माना जा रहा है।

10 में से 9 सीटों का कार्यकाल नवंबर में खत्म

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से 9 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं एक सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। शर्मा ने 11 सितंबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया। जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी, हरदीप सिंह पुरी, राम गोपाल यादव और रामजी गौतम शामिल हैं।

UP POLTICS:  BJP, SP और BSP के लिए क्यों अहम है चुनाव?

राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के विधायक मतदान करते हैं। ऐसे में विधानसभा में मौजूदा दलगत संख्या और उम्मीदवारों के पक्ष में मिलने वाले प्रथम वरीयता मत चुनाव के नतीजे तय करने में महत्वपूर्ण होंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले होने के कारण यह चुनाव दलों के लिए अपने विधायकों की स्थिति परखने और गठबंधन के समीकरणों को समझने का एक अहम मौका होगा। उम्मीदवारों के चयन और सहयोगी दलों के रुख से भी चुनावी गणित प्रभावित हो सकता है।

BSP के सामने राज्यसभा प्रतिनिधित्व बचाने की चुनौती

रामजी गौतम की सीट का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही राज्यसभा में BSP के प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल खड़ा होगा। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर BSP के लिए इस चुनाव में सीट हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में चुनाव के बाद उच्च सदन में BSP की मौजूदगी बनी रहती है या नहीं, यह भी इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू होगा।

UP POLTICS: SP के लिए राम गोपाल यादव की सीट अहम

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव की सीट भी इस चुनाव में शामिल है। सपा के लिए अपने मौजूदा विधायी समर्थन के आधार पर राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नाम, सहयोगी दलों के समर्थन और मतदान के दौरान विधायकों के रुख के बाद ही स्पष्ट होगी।

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2024 की क्रॉस-वोटिंग के बाद विधायकों पर रहेगी नजर

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस-वोटिंग पहले भी चर्चा में रही है। 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी कुछ विधायकों के क्रॉस-वोटिंग करने के मामले सामने आए थे। ऐसे में इस बार भी राजनीतिक दल अपने विधायकों के मतदान को लेकर सतर्क रह सकते हैं। राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के साथ-साथ विधायकों की एकजुटता भी अहम होती है। यही वजह है कि 16 अक्टूबर का मतदान सिर्फ उच्च सदन की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दलों की रणनीति और संगठनात्मक स्थिति के लिहाज से भी देखा जाएगा।

UP POLTICS: 29 सितंबर से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।

2027 से पहले 16 अक्टूबर पर नजर

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज होने के बीच राज्यसभा का यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण होगा। 10 सीटों का गणित बदलेगा, विधायकों की भूमिका सामने आएगी और गठबंधन के समीकरणों की भी परीक्षा होगी। हालांकि राज्यसभा चुनाव के नतीजों को सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव का संकेत मानना उचित नहीं होगा। फिर भी 16 अक्टूबर का मतदान यूपी की चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जिस पर सभी प्रमुख दलों की नजर रहेगी।

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