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MDR क्या है, पेट्रोल पंपों को क्यों परेशानी? ₹2000 की लिमिट और ₹5 चार्ज का पूरा गणित

Upi Petrol Pump

Upi Petrol Pump: यूपीआई से पेमेंट करने वालों के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। ₹2000 से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू होने जा रहा है। पेट्रोल पंप डीलरों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई है। पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कुछ राज्यों में पेट्रोल पंप एसोसिएशनों ने ₹2000 से ज्यादा के ईंधन भुगतान UPI से स्वीकार नहीं करने की घोषणा की है। ऐसे में MDR क्या है, ₹5 का चार्ज किसे देना होगा और पेट्रोल पंप इसका विरोध क्यों कर रहे हैं, इसे समझना जरूरी है।

MDR क्या है और ₹2000 की सीमा कैसे काम करेगी

MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से लेनदेन की प्रोसेसिंग के बदले लिया जाता है। मौजूदा बदलाव में ₹2000 से अधिक के पात्र UPI यानी P2M लेनदेन पर MDR लागू होगा। पेट्रोल पंपों के मामले में ₹2000 तक के UPI भुगतान पर यह शुल्क नहीं है, जबकि इससे ऊपर के लेनदेन पर प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम ₹5 का फ्लैट चार्ज बताया गया है। यह ग्राहक से नहीं, व्यापारी यानी पेट्रोल पंप डीलर से लिया जाना है।

Upi Petrol Pump: पेट्रोल पंप डीलरों की परेशानी का गणित

पेट्रोल पंप डीलरों का कहना है कि उनका मार्जिन बिक्री की रकम के प्रतिशत के हिसाब से नहीं, बल्कि प्रति लीटर के आधार पर तय होता है। ऐसे में ₹3000 के पेट्रोल पर मिलने वाले कुल कमीशन में से ₹5 का शुल्क सीधे उनकी कमाई से जाएगा। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में पेट्रोल पर औसत डीलर कमीशन ₹4.41 प्रति लीटर बताया गया है। ₹3000 के पेट्रोल पर करीब 29.37 लीटर ईंधन मिलने पर कमीशन लगभग ₹129.55 बनता है। इसमें ₹5 शुल्क घटने पर करीब ₹124.55 बचता है।

रोज के कई ट्रांजैक्शन से बढ़ता असर

एक ट्रांजैक्शन पर ₹5 रकम छोटी लग सकती है, लेकिन पेट्रोल पंपों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में ₹2000 से अधिक के डिजिटल भुगतान होने पर कुल खर्च बढ़ जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई पंप एक दिन में ₹3000 के 40 UPI ट्रांजैक्शन करता है तो ₹5 प्रति लेनदेन के हिसाब से ₹200 का शुल्क बनेगा। डीलरों का तर्क है कि उनकी लागत पहले से बढ़ रही है, जबकि फ्यूल पर मार्जिन सीमित है।

Upi Petrol Pump: ग्राहक की जेब पर सीधे नहीं पड़ेगा ₹5 का बोझ

इस बदलाव का अहम पहलू यह है कि MDR सीधे ग्राहक से वसूलने का प्रावधान नहीं है। ₹2000 से अधिक के पात्र UPI लेनदेन का शुल्क व्यापारी को देना होगा। यही वजह है कि पेट्रोल पंप डीलर सरकार से ईंधन कारोबार को MDR से छूट देने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश और पंजाब में डीलर संगठनों ने बड़े UPI भुगतान रोकने की घोषणा की है, जबकि कार्ड जैसे अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

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