US Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब मध्य पूर्व के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच जॉर्डन स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें अकाबा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बंदरगाह की यात्रा से बचने की सलाह दी है। हालांकि, जॉर्डन सरकार ने अमेरिकी दूतावास के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में स्थिति सामान्य है और किसी भी एयरपोर्ट या बंदरगाह को खाली कराने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को दी सतर्क रहने की सलाह
अमेरिकी दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर जॉर्डन में रह रहे अपने नागरिकों से सैन्य ठिकानों के आसपास जाने से बचने, भीड़भाड़ वाले इलाकों और किसी भी तरह के प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की है। दूतावास ने लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षा संबंधी ताजा जानकारी प्राप्त करने के लिए विदेश विभाग के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी है।
US Iran Tensions: जॉर्डन सरकार ने दावों का किया खंडन
अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी के बाद जॉर्डन सरकार ने स्पष्ट किया कि अकाबा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और बंदरगाह पूरी तरह से सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने कहा कि दोनों परिसरों को खाली कराने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने अमेरिकी दूतावास के उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें एहतियातन एयरपोर्ट और बंदरगाह खाली कराए जाने की बात कही गई थी।
ईरानी मिसाइल गिरने से बढ़ी चिंता
तनाव के बीच एक ईरानी मिसाइल जॉर्डन की सीमा के भीतर आकर गिरी, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि, इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को देखते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जबकि जॉर्डन सरकार का कहना है कि देश में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
Written by: Rashmi Sharma
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