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ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी वार जारी, शादी समारोह पर हमले का भी दावा; जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बरसाईं मिसाइलें

ईरान के मिसाइल हमलों से बढ़ी अमेरिकी चिंता

US Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक और लहर पूरी की है। इन हमलों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, माइन बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स को निशाना बनाया गया।इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। वहीं, कुवैत में भी ईरानी ड्रोन हमलों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया। जॉर्डन ने भी दावा किया है कि उसने 13 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया।इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से कमजोर हो रही है।

रूस पर ईरान को मिसाइल तकनीक देने का आरोप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच रूस को लेकर भी एक बड़ा दावा सामने आया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस कथित तौर पर ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने की तकनीक गुप्त तरीके से दे रहा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच यह सीक्रेट प्रोग्राम साल 2023 से चल रहा है। इसका उद्देश्य ईरान को ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद करना है, जिससे क्रूज मिसाइलें आवाज की गति से कई गुना ज्यादा तेज उड़ सकें।इस प्रोग्राम का कोडनेम C430L बताया गया है। इसमें रूस के अनुभवी मिसाइल विशेषज्ञ भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में मदद कर रहा है।

US Iran Tensions: ईरान के मिसाइल हमलों से बढ़ी अमेरिकी चिंता
ईरान के मिसाइल हमलों से बढ़ी अमेरिकी चिंता
US Iran Tensions: ईरान ने रैमजेट सिस्टम का टेस्ट किया

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान रैमजेट सिस्टम तैयार कर चुका है और इसका फ्लाइट टेस्ट भी किया जा चुका है। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है कि रूस की मदद से तैयार की गई किसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को ईरान ने तैनात कर दिया है।इस तकनीक का इस्तेमाल एंटी-शिप और जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों में किया जा सकता है। इन मिसाइलों की तेज रफ्तार और कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता इन्हें एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रोकना मुश्किल बना सकती है।

ईरान का दावा- जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक मारे गए

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है।रॉयटर्स से बातचीत में दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईरानी हमले जारी रहने के कारण स्थिति आगे बदल सकती है।

US Iran Tensions: सिरिक में शादी समारोह पर हमले का दावा

ईरान के सरकारी टीवी चैनल IRIB के मुताबिक, सिरिक में एक शादी समारोह को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हमले में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि 50 लोग घायल हुए हैं।ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमलों की चपेट में एक शादी समारोह भी आया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि सिरिक के कुहस्तक इलाके में एक रिहायशी घर पर हमला हुआ था, जहां एक परिवार शादी का जश्न मना रहा था।बघाई के अनुसार, इस हमले में 50 से ज्यादा निर्दोष पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए या घायल हुए। उन्होंने अमेरिकी हमलों को ‘बर्बर अपराध’ बताया और कहा कि ईरान इन हमलों का मजबूती से जवाब देगा।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्यों बढ़ा तनाव?

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा तनाव की एक बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें यानी सी-माइंस बिछाने की कोशिश की।सी-माइंस जहाजों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं और समुद्री यातायात को रोक सकती हैं। इसी के बाद ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिकी हमलों का जवाब देता है तो अमेरिका उससे भी ज्यादा कड़ा जवाब देगा।

US Iran Tensions: रविवार को भी हुआ था अमेरिकी हमला

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का नया दौर रविवार, 30 अगस्त से शुरू हुआ था। अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था।अमेरिका का कहना था कि इन लॉन्चरों को निशाना बनाना जरूरी था। वहीं, ईरान ने हमले में लोगों के मारे जाने और घायल होने की बात कही थी, लेकिन उसने मृतकों या घायलों की संख्या नहीं बताई।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। इसी रास्ते से खाड़ी देशों का तेल और गैस दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां सैन्य संघर्ष बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।अमेरिकी हमलों के बाद तेल बाजार में भी चिंता बढ़ गई है। अगर तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके अलावा, जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा की सप्लाई भी कम हो सकती है।

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