Usa news: अमेरिका की राजनीति में इन दिनों एक और भारतवंशी चेहरा तेजी से उभर रहा है। नाम है नित्या रमन, जो लॉस एंजिल्स मेयर चुनाव में उतरकर चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने काफी देर से चुनाव लड़ने का फैसला किया, लेकिन अब उनकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ रही है कि उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
केरल से अमेरिका तक का सफर
नित्या रमन का जन्म 28 जुलाई 1981 को केरल में हुआ था। जब वह सिर्फ 6 साल की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका में बस गया। 22 साल की उम्र में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और धीरे-धीरे समाजसेवा और राजनीति में सक्रिय हो गईं।
Usa news: हार्वर्ड और MIT से पढ़ाई
नित्या रमन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अंडरग्रेजुएशन किया और MIT से अर्बन प्लानिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के बाद उन्होंने एक्टिविस्ट के तौर पर काम किया और खासतौर पर बेघरों और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे उठाए। वह डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी हुई हैं।
Usa news: राजनीतिक करियर में लगातार उछाल
साल 2020 में नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के डिस्ट्रिक्ट-4 से चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। वह पहली दक्षिण एशियाई और एशियाई-अमेरिकी महिला बनीं, जिन्हें इस पद पर जीत मिली। 2024 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। अब 2026 में उन्होंने मेयर चुनाव लड़ने का फैसला किया है और मौजूदा मेयर करेन बास को कड़ी टक्कर दे रही हैं। कई सर्वे में उनकी स्थिति मजबूत बताई जा रही है।
ममदानी से क्यों हो रही तुलना?
Usa news: नित्या रमन की तुलना न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से की जा रही है। दोनों ही डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ऑफ अमेरिका से जुड़े हुए हैं और उनकी राजनीति का फोकस विकास और सामाजिक मुद्दों पर है। जहां ममदानी की जड़ें गुजरात से जुड़ी हैं, वहीं नित्या रमन का संबंध केरल से है। यही वजह है कि दोनों के बीच समानताएं देखी जा रही हैं।
ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव में 15 बूथों पर दोबारा मतदान, चुनाव आयोग का सख्त एक्शन








