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गाजीपुर में गरजे योगी, बोले- माफिया को मिट्टी में मिला दिया, अब गलत तरीके से हथियारों के लाइसेंस बनवाने वालों की बारी

गाजीपुर में गरजे योगी, बोले- माफिया को मिट्टी में मिला दिया, अब गलत तरीके से हथियारों के लाइसेंस बनवाने वालों की बारी

Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर की धरती से माफिया और उसके कथित राजनीतिक संरक्षण पर जोरदार हमला बोला। करीब 692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए योगी ने लोगों से कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि चुनिए जो जनता के लिए लड़ें, न कि वे जो कथित तौर पर फर्जी तरीके से हथियारों के लाइसेंस बनवाने में मदद करें।सीएम योगी के निशाने पर बिना नाम लिए मुख्तार अंसारी परिवार और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी तीखे राजनीतिक प्रहार किए।

‘माफिया को मिट्टी में मिला चुकी है सरकार’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश को ऐसे जनप्रतिनिधि नहीं चाहिए जो फर्जी हथियार लाइसेंस बनवाएं और फिर उनका इस्तेमाल डकैती तथा लोगों के घरों पर कब्जे के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार माफिया को मिट्टी में मिला चुकी है।सीएम ने कहा कि अब गरीब परिवार का बेटा रामलीला करता है तो कोई हथियार लहराकर दंगा कराने की हिम्मत नहीं करता। ऐसा करने वालों को पता है कि सरकार की कार्रवाई से वे बच नहीं पाएंगे।

Uttar Pradesh: अंसारी परिवार पर FIR के बीच योगी का प्रहार

योगी का यह हमला ऐसे समय आया है जब गाजीपुर पुलिस ने हथियारों के लाइसेंस से जुड़े मामलों में मुख्तार अंसारी के परिवार के सदस्यों के खिलाफ पांच FIR दर्ज की हैं। इनमें उनकी पत्नी अफशां अंसारी और भाई एवं गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी का नाम भी शामिल बताया गया है।आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हथियारों के लाइसेंस हासिल किए गए। इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया में होना है।

‘गाजीपुर माफिया की धरती नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवहारी बाबा, भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि से जुड़ी गाजीपुर की धरती को माफिया का गढ़ नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि माफिया किसी का सगा नहीं होता। वह गरीबों का शोषण करता है, व्यापारियों को डराता है और बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनता है।योगी ने कहा कि गाजीपुर की पहचान माफिया से नहीं, बल्कि देश के लिए लड़ने और बलिदान देने वाले वीरों से होनी चाहिए।सीएम योगी ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कृष्णानंद राय ने माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी और उनकी सात अन्य लोगों के साथ बेरहमी से हत्या कर दी गई।योगी ने कहा कि एक दौर था जब माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि माफिया को बचाने और संरक्षण देने वालों का भी पतन तय है।

सपा पर बरसे योगी- माफिया के सामने झुकने का लगाया आरोप

समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा ने समाज को बांटने की राजनीति की और माफिया के सामने झुकने का काम किया। उन्होंने कहा कि हथियार लहराकर लोगों में दहशत पैदा करने वाले माफिया की कब्रों तक जाकर श्रद्धांजलि देने वाले लोगों को जनता पहचान चुकी है।योगी ने साफ संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में अब माफिया और अपराधियों के लिए पुराना दौर लौटने वाला नहीं है।

692 करोड़ की सौगात, अब्दुल हमीद को किया याद

सियासी हमलों के बीच मुख्यमंत्री ने गाजीपुर को करीब 692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद को याद करते हुए कहा कि गाजीपुर की असली पहचान यहां के वीर सपूत और उनका बलिदान है।गाजीपुर के मंच से योगी ने एक तरफ विकास का संदेश दिया तो दूसरी तरफ माफिया और उसके कथित राजनीतिक संरक्षण पर सीधा प्रहार किया। उनके भाषण का संदेश साफ था—प्रदेश में माफिया के लिए कोई जगह नहीं और उसे संरक्षण देने वालों को भी जनता जवाब दे।

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