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Viral Video: लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन! VIDEO वायरल होते ही मचा हंगामा

Viral Video: लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन! VIDEO वायरल होते ही मचा हंगामा

Viral Video: मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रेलवे ट्रैक पर एक ट्रेन खड़ी दिखाई दे रही है। इसी दौरान कुछ लोग इंजन के पास पहुंचकर लोको पायलट से बातचीत करते नजर आते हैं। वीडियो के साथ यह दावा किया जाने लगा कि लोको पायलट ने समोसे खरीदने के लिए ट्रेन को बीच रास्ते में रोक दिया। देखते ही देखते यह दावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।

रेलवे ने अफवाहों पर लगाया विराम

वायरल वीडियो को लेकर जब मामला चर्चा में आया तो रेलवे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन को समोसे खरीदने के लिए नहीं रोका गया था। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन तकनीकी कारणों और परिचालन से जुड़े आवश्यक कार्य के चलते रुकी थी। रेलवे ने कहा कि सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के किए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं और लोगों से किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जानने की अपील की।

 

Viral Video: वीडियो में क्या दिख रहा है?

वायरल क्लिप में ट्रेन एक रेलवे क्रॉसिंग के पास खड़ी दिखाई देती है। इंजन के आसपास कई लोग जमा हैं और कुछ लोग लोको पायलट से बातचीत करते नजर आते हैं। इसी दृश्य के आधार पर कई लोगों ने यह मान लिया कि लोको पायलट खाने-पीने का सामान लेने के लिए ट्रेन रोककर खड़े हैं। हालांकि वीडियो में ऐसा कोई स्पष्ट दृश्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि ट्रेन समोसे खरीदने के लिए ही रोकी गई थी।

Viral Video: सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने दावा करने वालों पर सवाल उठाए और कहा कि बिना तथ्य जाने किसी भी घटना को अलग रूप देना सही नहीं है। वहीं कई यूजर्स ने लोको पायलट का समर्थन करते हुए कहा कि उनका काम बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और यदि ट्रेन पहले से किसी तकनीकी या सिग्नल कारण से रुकी हो, तो उस दौरान कुछ खाना-पीना खरीद लेने में कोई गलत बात नहीं है।

कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि मालगाड़ी और अन्य ट्रेनों के लोको पायलट कई घंटों तक लगातार ड्यूटी करते हैं। गर्म मौसम में बिना एसी वाले इंजन में काम करना आसान नहीं होता, इसलिए ऐसी परिस्थितियों को समझने की जरूरत है। वहीं कुछ यूजर्स ने पूरे मामले को सोशल मीडिया पर फैलाई गई जल्दबाजी और अफवाह का उदाहरण बताया।

बिना पुष्टि के दावों से बचने की सलाह

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला हर वीडियो पूरी सच्चाई नहीं बताता। किसी भी वीडियो या दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है। रेलवे ने साफ कर दिया है कि ट्रेन को समोसे खरीदने के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि इसके पीछे तकनीकी और परिचालन संबंधी कारण थे। ऐसे में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी को ही प्राथमिकता देना सबसे बेहतर तरीका है।

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