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विशाल सिंह का ऐतिहासिक फैसला: साप्ताहिक समाचार पत्रों को मिला सम्मान, सूचना विभाग में पारदर्शिता का नया युग शुरू!

Vishal Singh:

Vishal Singh: उत्तरप्रदेश के लघु एवं मध्यम वर्ग के समाचार पत्र लंबे समय से आर्थिक संकट और विज्ञापन वितरण की जटिल व्यवस्था से जूझ रहे थे। ऐड एजेंसियों के माध्यम से विज्ञापन जारी होने के कारण छोटे समाचार पत्रों को समय पर भुगतान नहीं मिल पाता था और कमीशन के नाम पर 15 प्रतिशत राशि भी काट ली जाती थी।

ऐसे समय में निदेशक सूचना विशाल सिंह ने एक ऐतिहासिक एवं साहसिक फैसला लेते हुए साप्ताहिक समाचार पत्रों को सीधे सूचना विभाग से विज्ञापन जारी करने की व्यवस्था लागू कर दी। इस निर्णय ने छोटे और मझोले समाचार पत्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। पत्रकार जगत में इस फैसले की व्यापक सराहना हो रही है और इसे पारदर्शिता तथा निष्पक्ष प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है साथ ही लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों के लिए राहत भरा निर्णय माना जा रहा है

पारदर्शी कार्यशैली से जीता पत्रकारों का विश्वास

सूचना विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि पत्रकारिता के हित में उठाई गई संवेदनशील पहल है। लंबे समय से छोटे समाचार पत्रों के प्रकाशक इस समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन पहली बार किसी अधिकारी ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से समझा।

विशाल सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की योजनाओं और विज्ञापनों का लाभ सीधे पात्र समाचार पत्रों तक पहुँचना चाहिए। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, सरलता और जवाबदेही साफ दिखाई देती है। यही कारण है कि पत्रकारों और प्रकाशकों के बीच उनके प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

Vishal Singh: बकाया भुगतान को लेकर भी बढ़ी उम्मीदें

हालांकि साप्ताहिक समाचार पत्रों को सीधे विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अब प्रकाशकों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि पूर्व में ऐड एजेंसियों के माध्यम से जारी विज्ञापनों का बकाया भुगतान कब मिलेगा। कई समाचार पत्रों का कहना है कि एजेंसियाँ विभाग से भुगतान प्राप्त कर चुकी हैं, लेकिन अब तक छोटे समाचार पत्रों को उनकी राशि नहीं मिली है। ऐसे में सभी की निगाहें एक बार फिर निदेशक सूचना विशाल सिंह पर टिक गई हैं। प्रकाशकों को उम्मीद है कि वे इस विषय पर भी ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय लेकर छोटे समाचार पत्रों को आर्थिक राहत दिलाएंगे।

Vishal Singh: “देश को ऐसे ही अधिकारियों की आवश्यकता” – सुशील चौधरी

इस अवसर पर खबर इंडिया के एडिटर इन चीफ सुशील चौधरी ने भी निदेशक सूचना आयुक्त विशाल सिंह से मुलाकात कर सार्थक चर्चा की और उनके निर्णयों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। सुशील चौधरी ने कहा कि विशाल सिंह का व्यवहार अन्य अधिकारियों से बिल्कुल अलग है। न अनावश्यक इंतजार, न औपचारिकताओं का बोझ, बल्कि सहजता, विनम्रता और शालीनता उनकी कार्यशैली की पहचान है। उन्होंने कहा कि आज के समय में देश को ऐसे ही संवेदनशील, ईमानदार और कर्मठ अधिकारियों की आवश्यकता है, जो केवल कुर्सी तक सीमित न रहकर समाज के हर वर्ग की समस्याओं को समझें और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएँ।

खबर इण्डिया आउटलुक 

निश्चित रूप से विशाल सिंह का यह निर्णय पत्रकारिता जगत के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है और आने वाले समय में इसे सूचना विभाग की सबसे सकारात्मक पहलों में गिना जाएगा। ऐसे में यह कहने में अतिश्योक्ति नहीं होगी की विशाल सिंह सादगी, सभ्स्यता और शालीनता की अद्भुत मिसाल है ।

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