Wayanad Landslide News: केरल के वायनाड में अनक्कमपोयिल–कल्लाडी सुरंग सड़क परियोजना के निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में एक मजदूर की मौत हो गई। इस हादसे में सात लोग घायल हुए हैं, जबकि सात अन्य अब भी लापता हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी प्रभावित लोग सुरंग निर्माण परियोजना में काम करने वाले मजदूर थे।
लगातार बारिश के बीच ढहा मिट्टी का ढेर
यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां सुरंग सड़क परियोजना का वायनाड छोर बनाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण खुदाई के दौरान निकाली गई मिट्टी का बड़ा ढेर अचानक ढह गया। इसके चलते निर्माण स्थल का एक हिस्सा मलबे में दब गया।मेप्पाडी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 226 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह इलाका एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। हादसे के समय वहां कई निजी वाहन और निर्माण श्रमिकों को लाने-ले जाने वाली एक बस भी खड़ी थी। बचाव दल को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं।
बारिश के बावजूद जारी है बचाव अभियान
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) मुख्यालय में आपात समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। हालांकि खराब मौसम के कारण अभियान में काफी दिक्कतें आ रही हैं।उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, सात लोग अस्पताल में भर्ती हैं और सात लोग लापता हैं। सभी को तलाशने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

Wayanad Landslide News: कंपनी को पहले ही दी गई थी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने निर्माण कंपनी को कई बार निर्देश दिए थे कि खुदाई से निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी को वहां से हटाया जाए। इसके लिए सरकार ने 20 जून को औपचारिक आदेश भी जारी किया था, लेकिन कंपनी ने इस आदेश का पालन नहीं किया।उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण परियोजना में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए और इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी. सिद्दीक को तुरंत वायनाड जाकर बचाव अभियान की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री बोले- मिट्टी के भंडारण से हुआ हादसा
घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि सुरंग की खुदाई से निकाली गई मिट्टी को सही तरीके से जमा नहीं किया गया था। यही इस हादसे की मुख्य वजह बन सकती है।उन्होंने बताया कि घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें घटनास्थल पर पहुंच रही हैं, जबकि अग्निशमन विभाग की टीमें पहले से राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
‘यह प्राकृतिक नहीं, मानवजनित आपदा’
टी. सिद्दीक ने कहा कि पहले भी इस तरह की आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन इसके बावजूद मिट्टी का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण नहीं किया गया। उन्होंने साफ कहा कि यह प्राकृतिक भूस्खलन नहीं, बल्कि मानवजनित आपदा है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बात की जांच करेगी कि पहले दी गई चेतावनियों के बाद संबंधित अधिकारियों और कंपनी ने कोई कार्रवाई की थी या नहीं।
हालांकि लगातार हो रही भारी बारिश इस हादसे का तत्काल कारण मानी जा रही है, लेकिन जांच का मुख्य केंद्र यह रहेगा कि खुदाई से निकाली गई मिट्टी के गलत तरीके से भंडारण और सुरक्षा उपायों में हुई लापरवाही ने इस आपदा को कितना बढ़ावा दिया।वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी ने भी घटना को लेकर वायनाड के जिला कलेक्टर से बातचीत की और हादसे की पूरी जानकारी ली।
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