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गहलोत की बड़ी मांग! राम मंदिर ट्रस्ट भंग हो, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज करें जांच

Ashok Gehlot News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए नए ट्रस्ट का गठन किया जाना चाहिए।

‘ट्रस्ट भंग होगा तभी लौटेगा भरोसा’

अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार को चढ़ावा चोरी की जानकारी मिलते ही ट्रस्ट को भंग कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है और लोगों का विश्वास कायम रखने के लिए ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाना चाहिए।

Ashok Gehlot News: ‘चोरी नहीं, डकैती हुई’ वाले बयान का जिक्र

गहलोत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन स्वयं कह चुके हैं कि यह चोरी नहीं बल्कि डकैती है। उन्होंने कहा कि जब आरएसएस और भाजपा भी मान रही हैं कि कुछ गलत हुआ है तो फिर ट्रस्ट को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं बचता।

रिटायर्ड जज से जांच की मांग

कांग्रेस नेता ने एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए। उनके अनुसार, यूपी पुलिस के अधिकारियों वाली एसआईटी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।

Ashok Gehlot News: धर्माचार्यों वाला नया ट्रस्ट बनाने की मांग

अशोक गहलोत ने सुझाव दिया कि अयोध्या राम मंदिर के संचालन के लिए धर्माचार्यों और धार्मिक व्यक्तियों को शामिल कर नया ट्रस्ट बनाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील की।

EVM पर भी उठाए सवाल

ईवीएम मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी वीवीपैट व्यवस्था को जरूरी माना था, जिससे ईवीएम पर उठने वाले सवालों की पुष्टि होती है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया के कई विकसित देश दोबारा बैलेट पेपर प्रणाली की ओर लौट चुके हैं।

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