West Bengal Assembly: पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान दो अहम संशोधन विधेयकों को सदन में पेश कर चर्चा के बाद पारित किया जा सकता है। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) में वार्डों की संख्या बढ़ाना है।दोनों नगर निगमों के चुनाव इस साल के अंत में होने प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि चुनाव अक्टूबर में दुर्गा पूजा से शुरू होने वाले और नवंबर में दिवाली तक चलने वाले त्योहारी दौर के तुरंत बाद कराए जा सकते हैं।
चुनाव से पहले परिसीमन की तैयारी
नई राज्य सरकार की योजना दोनों नगर निगमों के वार्डों का चुनाव से पहले परिसीमन पूरा करने की है। इसी उद्देश्य से बुधवार को विधानसभा में दो अलग-अलग संशोधन विधेयक लाए जाएंगे। इन पर सदन में चर्चा होगी और इसके बाद इन्हें पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।इन विधेयकों पर होने वाली चर्चा में सत्तारूढ़ दल के साथ विपक्षी दलों के विधायक भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी दोनों संशोधन विधेयकों को लेकर सदन में अपनी बात रखेंगे।
KMC में 144 से 209 वार्ड
प्रस्ताव के अनुसार, कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या मौजूदा 144 से बढ़ाकर 209 की जा सकती है। वहीं, हावड़ा नगर निगम में वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 करने का प्रस्ताव है।इस बदलाव का उद्देश्य नगर निगम क्षेत्रों में वार्डों का नए सिरे से पुनर्गठन करना और आबादी के हिसाब से नागरिक सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराना है।
मई में किया था पुनर्गठन का वादा
सुवेंदु अधिकारी ने इस साल मई में मुख्यमंत्री पद संभालने के कुछ समय बाद ही KMC और HMC के वार्डों के पुनर्गठन का वादा किया था। उन्होंने संकेत दिया था कि दोनों नगर निकायों में साल के अंत में होने वाले चुनाव से पहले सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा।इसके बाद पिछले महीने पश्चिम बंगाल के नगर मामलों और शहरी विकास विभाग ने कोलकाता नगर निगम के वार्ड परिसीमन के लिए दो अलग-अलग उच्चस्तरीय समितियों के गठन की घोषणा की थी।
KMC का ऐतिहासिक महत्व
कोलकाता नगर निगम पश्चिम बंगाल का सबसे पुराना और प्रमुख नगर निगम माना जाता है। वर्तमान में इसके अंतर्गत 144 वार्ड आते हैं।स्वतंत्रता से पहले के दौर में सुभाष चंद्र बोस, देशबंधु चित्तरंजन दास और डॉ. बिधान चंद्र रॉय जैसी प्रतिष्ठित भारतीय हस्तियां KMC के मेयर का पद संभाल चुकी हैं। डॉ. बिधान चंद्र रॉय बाद में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री भी रहे।
नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
नगरपालिका एवं शहरी विकास विभाग के अनुसार, लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए KMC के वार्डों का परिसीमन जरूरी है। प्रस्तावित बदलाव के तहत छोटे वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बनाया जाएगा, जबकि बड़े वार्डों को जरूरत के अनुसार दो हिस्सों में बांटा जा सकता है।इसके साथ ही मौजूदा वार्डों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की सीमाओं में भी बदलाव किया जाएगा। परिसीमन के बाद वार्डों का क्षेत्र नए ढांचे के अनुसार तय होगा, ताकि नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
यह भी पढ़े- तेलंगाना में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने ऑटो को मारी जोरदार टक्कर, 5 महिलाओं समेत 6 की मौत








