Women’s Asia Cup 2026: भारत ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को हराकर आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी सेरेमनी ने एक बार फिर मोहसिन नकवी को सुर्खियों में ला दिया। भारतीय महिला टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। 2025 के पुरुष एशिया कप के बाद यह दूसरी बार है जब ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला।
इस विवाद के बीच एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि आखिर मोहसिन नकवी कौन हैं? क्रिकेट प्रशासन और पाकिस्तान की राजनीति में अहम पद संभालने वाले नकवी की पहचान एक कारोबारी के तौर पर भी रही है। मीडिया कारोबार से लेकर रियल एस्टेट और दूसरे निवेशों तक उनका नाम पाकिस्तान के कारोबारी जगत में लिया जाता है।
सवाल-1: कौन हैं मोहसिन नकवी?
मोहसिन नकवी का जन्म 28 अक्टूबर 1978 को लाहौर में हुआ था। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी, लाहौर से पढ़ाई की और बाद में अमेरिका की ओहियो यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की। करियर की शुरुआत उन्होंने पत्रकारिता से की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने CNN के साथ भी काम किया। इसके बाद पाकिस्तान लौटकर उन्होंने अपना मीडिया कारोबार खड़ा किया। 2009 में सिटी न्यूज नेटवर्क की शुरुआत उनके कारोबारी सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसी नेटवर्क से City 42 जैसे चैनल जुड़े और धीरे-धीरे नकवी की पहचान मीडिया कारोबारी के रूप में मजबूत हुई।
Women’s Asia Cup 2026: सवाल-2: मोहसिन नकवी कितने अमीर हैं?
यही वह सवाल है जिस पर सबसे ज्यादा चर्चा होती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मोहसिन नकवी की कुल संपत्ति करीब 10 मिलियन डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 88-90 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है। हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है- नकवी की नेटवर्थ का कोई आधिकारिक और स्वतंत्र रूप से सत्यापित सरकारी आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है। इसलिए 10 मिलियन डॉलर की रकम को निश्चित संपत्ति मानने के बजाय मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए अनुमान के तौर पर देखना चाहिए। उनकी संपत्ति और कमाई के संभावित स्रोतों में मीडिया कारोबार के अलावा रियल एस्टेट और अन्य कारोबारी निवेशों का भी उल्लेख मिलता है।
सवाल-3: नकवी का बिजनेस कितना बड़ा है?
मोहसिन नकवी की कारोबारी पहचान मुख्य रूप से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी रही है। उन्होंने पाकिस्तान में अपना मीडिया नेटवर्क खड़ा किया और City 42 जैसे चैनलों के जरिए प्रसारण कारोबार में पहचान बनाई। इसके अलावा उनके बारे में उपलब्ध रिपोर्ट्स में रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी से जुड़े निवेश का भी जिक्र मिलता है। इसका मतलब यह है कि नकवी की पहचान क्रिकेट प्रशासन में आने के बाद नहीं बनी। राजनीति और क्रिकेट की बड़ी जिम्मेदारियां संभालने से पहले ही वह कारोबारी और मीडिया क्षेत्र में सक्रिय थे। हालांकि उनके कारोबारी साम्राज्य की पूरी संपत्ति, कंपनियों में हिस्सेदारी और व्यक्तिगत निवेश का स्वतंत्र रूप से सत्यापित विस्तृत आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है।
Women’s Asia Cup 2026: सवाल-4: फिर राजनीति में कैसे पहुंचे?
मोहसिन नकवी का सफर सिर्फ मीडिया और कारोबार तक सीमित नहीं रहा। जनवरी 2023 से फरवरी 2024 तक वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद फरवरी 2024 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया। PCB के चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका पाकिस्तान क्रिकेट के प्रशासन में बेहद महत्वपूर्ण हो गई। इसके बाद अप्रैल 2025 में उन्हें एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) का अध्यक्ष चुना गया। यानी आज नकवी एक साथ तीन अलग-अलग क्षेत्रों में – चर्चित नाम हैंराजनीति, क्रिकेट प्रशासन और कारोबार।
सवाल-5: भारत ने उनसे ट्रॉफी क्यों नहीं ली?
यह विवाद उनकी संपत्ति से ज्यादा भारत-पाकिस्तान संबंधों और क्रिकेट डिप्लोमेसी से जुड़ा है। 2025 के पुरुष एशिया कप के फाइनल के बाद भी भारतीय टीम ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। उस समय ट्रॉफी नकवी अपने साथ ले गए थे और इस घटनाक्रम पर भारत-पाकिस्तान के बीच काफी राजनीतिक और क्रिकेट चर्चा हुई थी। अब महिला एशिया कप 2026 में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।
फाइनल के बाद भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर खिताब तो जीत लिया, लेकिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। भारतीय टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने बाद में कहा कि यह BCCI का फैसला था और टीम उसका समर्थन करती है। इसलिए इसे खिलाड़ियों का व्यक्तिगत फैसला बताने के बजाय BCCI के फैसले के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित है।
Women’s Asia Cup 2026: सवाल-6: क्या ट्रॉफी नहीं लेने से भारत का खिताब प्रभावित हुआ?
नहीं। भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीता। ट्रॉफी सेरेमनी में नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने का मामला प्रोटोकॉल और दोनों देशों के मौजूदा रिश्तों से जुड़ा विवाद है। इससे भारत की चैंपियन बनने की आधिकारिक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ता। भारतीय महिला टीम ने इस जीत के साथ महिला एशिया कप का आठवीं बार खिताब अपने नाम किया।

नकवी की कहानी सिर्फ ट्रॉफी विवाद की नहीं
मोहसिन नकवी इस समय पाकिस्तान के उन चुनिंदा चेहरों में हैं जिनकी भूमिका एक साथ कई क्षेत्रों में दिखाई देती है। पत्रकारिता से शुरुआत, मीडिया कारोबार का विस्तार, राजनीति में प्रवेश और फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की – कमान उनका सफर काफी अलग रहा है। लेकिन भारत-पाकिस्तान क्रिकेट के संदर्भ में उनकी पहचान अब एक और वजह से चर्चा में है। 2025 के बाद 2026 में भी भारतीय टीम ने उनके हाथों से ट्रॉफी नहीं ली। यही वजह है कि एशिया कप की जीत के साथ-साथ नकवी का नाम भी एक बार फिर सुर्खियों में है।
मोहसिन नकवी को लेकर सामने आने वाली लगभग 10 मिलियन डॉलर की नेटवर्थ एक मीडिया अनुमान है, आधिकारिक रूप से सत्यापित आंकड़ा नहीं। इतना जरूर है कि क्रिकेट प्रशासन और राजनीति में आने से पहले ही उनकी पहचान पाकिस्तान के मीडिया कारोबार से बन चुकी थी। वहीं भारत द्वारा लगातार दूसरी बार उनके हाथों से ट्रॉफी नहीं लेने की घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सिर्फ मैदान पर खेले जाने वाले मुकाबले तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों का असर क्रिकेट के मंच पर भी दिखाई देता है।
पहली बार कब हुई थी बेईज्जती?
एशिया कप 2025 के फाइनल में जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया था तब भी मैच के बाद ट्रॉफी सेरेमनी में मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर पहुंचे थे. लेकिन भारतीय टीम ने उनके हाथ से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. इसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए. इसी के बाद एक बार फिर लोगों की नजर मोहसिन नकवी की प्रोफेशनल और कारोबारी जिंदगी पर गई. अब एक बार फिर नकवी के साथ ट्रॉफी वाला मामला हुआ है और इसकी हर तरफ चर्चा हो रही है.
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