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Yogasan: इन आसनों को अपनाने से दूर होंगी लाइलाज बीमारियां

Yogasan: इन आसनों को अपनाने से दूर होंगी लाइलाज बीमारियां

Yogasan: समय का चक्र निरंतर चलता रहता है और बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर में कई सारे बदलाव आते हैं। लोगों का मानना है कि बढ़ती उम्र यानी शारीरिक कमजोरी या फिर बीमारियों का घर, हालांकि योग से ये धारणा बदली जा सकती है। कुछ आसनों के रोजाना अभ्यास से हड्डियां मजबूत होती हैं। जोड़ों का दर्द ठीक रहता है। पाचन में सुधार होता है और तनाव से राहत मिलती है। हम आपको ऐसे कुछ योगासन के बारे में बताएंगे जिसे बुजुर्ग भी कर सकते हैं।

 वीरभद्रासन है अचूक

वीरभद्रासन इसे अंग्रेजी में वॉरियर पोज भी कहते हैं। इसे करने से शरीर मजबूत रहने के साथ संतुलन भी बनता है और मन शांत रहता है। इस आसन को अपनाने से पैर, जांघ, कूल्हे, कंधे और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। शरीर में संतुलन और स्थिरता बढ़ाता है। कंधों और छाती को खोलता है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। रक्त संचार को सुधारता है ।

Yogasan: वीरभद्रासन है अचूक
Yogasan: वीरभद्रासन है अचूक

Yogasan: बालासन है बलवर्धक 

बालासन  इस आसन को करने से तनाव कम होता है और शरीर में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास करने से तनाव कम होता है और पाचन क्रिया भी बेहतर रहती है, जिससे अपच, वात, और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

Yogasan: बालासन है बलवर्धक 
Yogasan: बालासन है बलवर्धक

Yogasan: ताड़ासन है बीपी का इलाज  

ताड़ासन  यह आसन बढ़ती उम्र के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके नियमित अभ्यास से रक्त संचार बेहतर होने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई लाभ मिलते हैं। यह शरीर की मुद्रा को सुधारता है, जिससे ब्लड प्रेशर स्थिर रहता है।

Yogasan: ताड़ासन है बीपी का इलाज  
Yogasan: ताड़ासन है बीपी का इलाज

कटि चक्रासन बढ़ा देता है एकाग्रता 

कटि चक्रासन  यह तनाव कम करने के साथ एकाग्रता बढ़ाता है। साथ ही याददाश्त को बेहतर बनाता है और नींद की गुणवत्ता सुधारता है। इसके नियमित अभ्यास से बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है और उन्हें भावनात्मक रूप से स्थिर रहने में मदद मिलती है।

Yogasan:कटि चक्रासन
Yogasan:कटि चक्रासन

भ्रामरी प्राणायाम है रामबाण

भ्रामरी- यह प्राणायाम हर उम्र के लोग कर सकते हैं। अक्सर बुजुर्ग अवस्था में नींद कम आती है। इसके नियमित अभ्यास से नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है। याददाश्त बेहतर होती है। साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है।

Yogasan: भ्रामरी प्राणायाम
Yogasan: भ्रामरी प्राणायाम


इन आसनों के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्य बेहतर रहता है, लेकिन कोई भी नया व्यायाम शुरू करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें, खासकर यदि कोई पुरानी स्वास्थ्य समस्या है।

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