Yogi In Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के पीछे कई बड़े चेहरे और रणनीतियां रहीं, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रभाव खास तौर पर चर्चा में रहा। उनके आक्रामक प्रचार और तेजतर्रार अंदाज ने बंगाल के चुनावी माहौल को नया मोड़ दिया।
बंगाल में पूरी ताकत झोंकी
गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान सीएम योगी ने बंगाल में पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने 22 विधानसभा सीटों पर रैलियां और रोड शो किए, जिनमें से 18 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की। यह स्ट्राइक रेट उनके चुनावी प्रभाव को साफ तौर पर दर्शाता है। सोनामुखी, कांथी दक्षिण, रामपुरहाट, बोलपुर, नबद्वीप, कटवा और राजारहाट गोपालपुर जैसी सीटों पर उनकी सभाओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा और वोटरों को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव प्रचार को धार देने में अहम भूमिका निभाई। जहां एक ओर मोदी की रैलियों ने बड़े स्तर पर समर्थन जुटाया, वहीं अमित शाह की रणनीति और संगठनात्मक पकड़ ने पार्टी को मजबूती दी। लेकिन योगी का ‘हिंदुत्व और कानून-व्यवस्था’ वाला संदेश खासतौर पर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में असरदार साबित हुआ।

Yogi In Bengal: योगी ने उठाए ये मुद्दे
प्रचार के दौरान योगी ने कानून-व्यवस्था, अवैध घुसपैठ और बंगाल में कथित राजनीतिक हिंसा को प्रमुख मुद्दा बनाया। उनके बयान एबार खेला शेष होबे, गौमाता कटेगी नहीं, हिंदू बंटेंगे नहीं और बंगाल को मां काली की धरती बनाएंगे ने चुनावी बहस को गरमा दिया और समर्थकों में उत्साह भर दिया। चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 293 में से 206 सीटें जीतकर ‘डबल सेंचुरी’ का आंकड़ा पार कर लिया, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। वहीं ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) 100 के आंकड़े से भी नीचे सिमटकर करीब 80 सीटों पर रह गई।
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