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17 मई का पंचांग : प्रतिपदा तिथि के साथ बन रहे शुभ योग, अभिजीत और विजय मुहूर्त में करें मांगलिक कार्य

17 May Panchang: सनातन धर्म में पंचांग को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। इसी के जरिए व्रत, त्योहार और दिनभर के शुभ कार्यों की जानकारी मिलती है। 17 मई 2026, रविवार के दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इस दिन अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, इसलिए यह दिन सामान्य रूप से शुभ माना जा रहा है। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग

सूर्योदय-चंद्रोदय

रविवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 29 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 6 मिनट पर रहेगा। वहीं चंद्रोदय सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर और चंद्रास्त शाम 7 बजकर 58 मिनट पर होगा। प्रतिपदा तिथि रात 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन प्रतिपदा तिथि का ही प्रभाव रहेगा।

नक्षत्र और योग

इस दिन कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो सुबह 6 बजकर 15 मिनट तक शोभन योग रहेगा और उसके बाद अतिगंड योग लग जाएगा। वहीं करण में सुबह 11 बजकर 36 मिनट तक किंस्तुघ्न करण रहेगा, फिर बव करण शुरू होगा।

17 May Panchang: रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग

17 May Panchang: शुभ मुहूर्त

अगर आप किसी नए या शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर काम करना लाभकारी माना जाता है। रविवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 6 मिनट से 4 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 34 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 1 बजकर 50 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय

शुभ समय के साथ अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। रविवार को राहुकाल शाम 5 बजकर 24 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। वहीं यमगंड दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 2 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 17 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए या शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है।

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