29 May 2026 Panchang: हिंदू पंचांग पांच मुख्य अंगों तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार से मिलकर बनता है। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, नए काम या मांगलिक कार्यक्रम की शुरुआत से पहले शुभ मुहूर्त देखना बेहद जरूरी माना जाता है। लोग तिथि और उसके शुभ-अशुभ प्रभावों को ध्यान में रखकर ही महत्वपूर्ण कार्य शुरू करते हैं। इन दिनों भगवान विष्णु को समर्पित पुरुषोत्तम मास चल रहा है। 29 मई 2026, शुक्रवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी।
त्रयोदशी तिथि और नक्षत्र का समय
पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 29 मई की सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। हालांकि उदयातिथि के आधार पर पूरे दिन त्रयोदशी तिथि का ही प्रभाव माना जाएगा। इस दिन स्वाती नक्षत्र सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। साथ ही चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में विराजमान रहेंगे।
29 मई को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 13 मिनट पर रहेगा। इस दिन परिघ योग का संयोग भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष में विशेष महत्व दिया जाता है।

29 May 2026 Panchang: जानें दिन के शुभ मुहूर्त
अगर शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल देर रात 3 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 30 मई की सुबह 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये समय पूजा-पाठ, जप, ध्यान और शुभ कार्यों के लिए बेहद उत्तम माने जाते हैं।
राहुकाल में भूलकर भी न करें ये काम
शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय किसी नए काम की शुरुआत, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।राहुकाल के अलावा यमगंड दोपहर 3 बजकर 43 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक और फिर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से 1 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।
वर्ज्य काल का समय
वहीं वर्ज्य काल दोपहर 4 बजकर 51 मिनट से शाम 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचना बेहतर माना जाता है।
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