UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलावों का जिक्र करते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर मौजूदा धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों तक की चर्चा की। पीलीभीत में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब अयोध्या में ‘जय श्रीराम’ बोलने पर प्रतिबंध था और रामभक्तों को लाठी-गोलियों का सामना करना पड़ता था। आज उसी अयोध्या में रामभक्तों का स्वागत फूलों की वर्षा से किया जाता है।
पीलीभीत में सीएम योगी ने अयोध्या का किया जिक्र
ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में पीलीभीत में श्रीराम कथा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक आस्था की भूमिका पर अपने विचार रखे।
सीएम योगी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक एकता और साझा आस्था है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और परंपराओं के बावजूद लोगों को जोड़ने वाला एक मजबूत सांस्कृतिक आधार मौजूद है।
UP News: 1990 के राम जन्मभूमि आंदोलन को किया याद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो नवंबर का जिक्र करते हुए वर्ष 1990 की घटनाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के दौरान इसी तारीख को रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और कई लोगों ने बलिदान दिया था।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, उस दौर में रामभक्तों को अयोध्या पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पहले रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं, जबकि आज अयोध्या में उनका स्वागत और अभिनंदन किया जाता है।
अयोध्या में धार्मिक आयोजनों से लेकर सुविधाओं तक में बदलाव
सीएम योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या की पुरानी स्थिति और मौजूदा स्वरूप के बीच अंतर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले शहर में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। संकरी गलियां, खराब सड़कें और सीमित परिवहन व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती थीं।
उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में सड़क, रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। चारों दिशाओं से शहर को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने का काम किया गया है। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुविधा भी विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस रामलला को लेकर कभी सवाल उठते थे कि वे टेंट से बाहर कब आएंगे, आज उनका भव्य मंदिर बन चुका है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
UP News: हर दिन बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंच रहे श्रद्धालु
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या अब धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आई है। उनके अनुसार, यहां प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि पर्व और त्योहारों के दौरान यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।
उन्होंने दीपोत्सव का भी जिक्र किया और कहा कि अयोध्या में लाखों दीप जलाकर भगवान श्रीराम के आगमन की परंपरा को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उनके मुताबिक, दीपोत्सव में जलने वाला प्रत्येक दीप प्रदेश की समृद्धि और विकास का प्रतीक है।
मंदिर जाने का उद्देश्य केवल दर्शन नहीं: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर जाने का मकसद सिर्फ पूजा-पाठ और दर्शन तक सीमित नहीं होना चाहिए। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर करके सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। समाज में सकारात्मकता, श्रद्धा और आपसी सहयोग का वातावरण बनने से विकास और खुशहाली का रास्ता मजबूत होता है।
UP News: भारत की सांस्कृतिक एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत
अपने संबोधन में सीएम योगी ने भारत की सांस्कृतिक एकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों की अपनी पहचान और चुनौतियां हैं, लेकिन भारत उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था के सूत्र में बंधा हुआ है।
मुख्यमंत्री के इस संबोधन में अयोध्या के बदलाव, राम जन्मभूमि आंदोलन की स्मृतियों, राम मंदिर निर्माण, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भारत की सांस्कृतिक एकता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।








