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उमर अब्दुल्लाह के सामने बड़ा सियासी संकट, सांसद के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किलें

Omar Abdullah Crisis:

Omar Abdullah Crisis: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह इन दिनों बड़े सियासी संकट का सामना कर रहे हैं। एक तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, तो दूसरी तरफ पार्टी के 17 विधायक भी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। सांसद रुहुल्लाह ने पार्टी छोड़ने के साथ नई राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत भी दिए हैं। वहीं, नाराज विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को अपनी शिकायतें दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। ऐसे में उमर अब्दुल्लाह के सामने अपनी ही पार्टी में एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

Omar Abdullah Crisis: आगा सैयद रुहुल्लाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से दिया इस्तीफा

श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह ने 3 नवंबर को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वह लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने के भी संकेत दिए हैं। रुहुल्लाह ने अपने फैसले पर कहा, “मैं सत्ता के लिए अपने सम्मान से समझौता नहीं कर सकता।” उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह 3 नवंबर को पार्टी छोड़ देंगे। उनके इस्तीफे को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

Omar Abdullah Crisis: 17 नाराज विधायकों ने की चार घंटे तक बैठक

नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर नाराजगी केवल सांसद रुहुल्लाह तक सीमित नहीं है। 30 अक्टूबर को पार्टी के 17 नाराज विधायकों ने श्रीनगर में करीब चार घंटे तक बैठक की थी। बैठक के बाद विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को अपनी शिकायतें दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया। इन विधायकों की नाराजगी पार्टी में लिए जा रहे एकतरफा फैसलों और कुछ चुनिंदा लोगों के हिसाब से संगठन चलाने को लेकर है। उन्होंने पार्टी के कामकाज के तरीके पर भी असंतोष जताया है।

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बढ़ी पार्टी में नाराजगी

दरअसल, 27 अक्टूबर को उमर अब्दुल्लाह ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इसमें कश्मीर के चार विधायकों अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी को मंत्री बनाया गया। इसके बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व और फैसले लेने के तरीके को लेकर नाराजगी जाहिर की। श्रीनगर की ईदगाह सीट से छह बार विधायक रहे मुबारक गुल और अनंतनाग पश्चिम से विधायक अब्दुल मजीद लारनी ने मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर खुलकर असंतोष जताया।

कश्मीर और जम्मू के बीच मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व

नए मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह समेत सात मंत्री कश्मीर घाटी से हैं, जबकि जम्मू क्षेत्र से दो मंत्रियों को जगह दी गई है। इनमें उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पार्टी के भीतर उठी नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधायकों की सार्वजनिक आलोचना को पार्टी में मौजूद अंदरूनी लोकतंत्र की निशानी बताया है।

उमर अब्दुल्लाह के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती

उमर अब्दुल्लाह की सरकार ने पिछले महीने ही अपने कार्यकाल के दो साल पूरे किए हैं। लेकिन सांसद के इस्तीफे और 17 विधायकों की नाराजगी ने उनके सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व अगले 15 दिनों में नाराज विधायकों की शिकायतों को किस तरह दूर करता है और संगठन में एकजुटता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

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