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सस्पेंशन को लेकर चर्चा में आए ACP मनस्वी वशिष्ठ कौन हैं?

दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड
दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड

Delhi Police: दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ इन दिनों सुर्खियों में हैं। शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद हुए पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के विरोध में प्रदर्शन करना उन्हें भारी पड़ गया। गृह मंत्रालय ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, मनस्वी वशिष्ठ की पहचान सिर्फ इस विवाद तक सीमित नहीं है। IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने SSB में सेवा दी और फिर DANIPS अधिकारी के तौर पर पुलिस विभाग में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। आइए जानते हैं कौन हैं मनस्वी वशिष्ठ और कैसा रहा उनका अब तक का सफर।

जयपुर में जन्म, डॉक्टरों के परिवार से रखते हैं ताल्लुक

मनस्वी वशिष्ठ का जन्म राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुआ था। उनका परिवार डॉक्टरों से जुड़ा है, लेकिन उन्होंने अपने लिए एक अलग करियर चुना। मनस्वी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का फैसला किया और साल 2009 से 2013 के बीच IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सरकारी सेवा में जाने का निर्णय लिया। इसके बाद उनका करियर सुरक्षा बल और पुलिस सेवा की दिशा में आगे बढ़ा।

Delhi Police: SSB में चार साल तक दी सेवा

साल 2016 में मनस्वी वशिष्ठ सशस्त्र सीमा बल (SSB) में शामिल हुए। उन्होंने यहां करीब चार साल तक सेवाएं दीं। इस दौरान उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर और बिहार जैसे राज्यों में रही। सुरक्षा बल में काम करने के दौरान उन्हें देश की आंतरिक सुरक्षा, पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को करीब से समझने का अनुभव मिला। SSB में सेवा के बाद उन्होंने DANIPS जॉइन किया।

DANIPS अधिकारी के तौर पर संभालीं अहम जिम्मेदारियां

मनस्वी वशिष्ठ DANIPS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स पुलिस सर्विस) के 2019 बैच के अधिकारी हैं। शुरुआती ट्रेनिंग और पोस्टिंग दिल्ली में पूरी करने के बाद साल 2022 में उनका तबादला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कर दिया गया। वहां उन्होंने डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनकी तैनाती डिगलीपुर और हैवलॉक जैसे क्षेत्रों में रही। दिसंबर 2024 में वह वापस दिल्ली लौट आए। इसके बाद उन्होंने राजधानी में पुलिस विभाग की अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं।

Delhi Police: ACP गांधी नगर के पद पर भी कर चुके हैं काम

दिल्ली वापसी के बाद मनस्वी वशिष्ठ को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। दिसंबर 2025 में उन्हें गांधी नगर में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) नियुक्त किया गया। उन्होंने करीब तीन महीने तक इस पद पर काम किया। इसके बाद मार्च 2026 में एक बार फिर उन्हें ACP गांधी नगर की जिम्मेदारी दी गई। उनके करियर की एक अहम जिम्मेदारी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सुरक्षा टीम से जुड़ी रही है। उन्होंने धनखड़ के उपराष्ट्रपति रहने के दौरान पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के तौर पर भी सेवाएं दी थीं।

मनस्वी वशिष्ठ के चर्चा में आने की वजह 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई घटना है। यहां वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई थी। घटना के बाद विभाग की ओर से दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए। मनस्वी वशिष्ठ भी उन अधिकारियों में शामिल थे, जिनका तबादला किया गया था। ट्रांसफर के विरोध में मनस्वी वशिष्ठ समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। इस प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।

सस्पेंशन के बाद बोले- आहत नहीं, मजबूत हुआ 

जबकि सस्पेंशन के बाद मनस्वी वशिष्ठ ने कहा कि मैं आहत नहीं हुआ हूं, मजबूत हुआ हूं। देश का कानून चलेगा और न्याय होगा। गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, सस्पेंशन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय दिल्ली रहेगा। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार आधे वेतन के आधार पर गुजारा भत्ता और पात्रता के अनुसार महंगाई भत्ता दिया जाएगा।

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