Adani Group Airline: अदाणी ग्रुप ने फिलहाल एयरलाइन कारोबार में उतरने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के CEO अरुण बंसल ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की अपनी एयरलाइन शुरू करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन कंपनियां उनकी कंपनी की ग्राहक हैं और अपने ग्राहकों के साथ प्रतिस्पर्धा करना अच्छी रणनीति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अगले सात वर्षों में एयरपोर्ट्स के विकास और विस्तार पर 10 से 11 अरब डॉलर निवेश करने की योजना का भी खुलासा किया।
Adani Group Airline: अपने ग्राहकों से प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहता अदाणी ग्रुप
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026’ सम्मेलन के दौरान अरुण बंसल ने एयरलाइन कारोबार में उतरने की संभावनाओं पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एयरलाइन कंपनियां AAHL की ग्राहक हैं। ऐसे में अपने ही ग्राहकों के साथ प्रतिस्पर्धा करना कभी अच्छी रणनीति नहीं होती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अदाणी ग्रुप और अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। दरअसल, पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि अदाणी ग्रुप एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने की योजना बना रहा है। हालांकि, समूह ने इन खबरों का खंडन किया था।
Adani Group Airline: अगले 7 साल में 11 अरब डॉलर निवेश का प्लान
अरुण बंसल ने बताया कि कंपनी अगले सात वर्षों में हवाई अड्डों के विकास और विस्तार पर 10 से 11 अरब डॉलर का पूंजीगत निवेश करेगी। इस निवेश का उद्देश्य एयरपोर्ट्स की क्षमता बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। फिलहाल AAHL के अंतर्गत आठ हवाई अड्डे हैं। इन एयरपोर्ट्स से हर साल करीब 10 करोड़ यात्री सफर करते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि अगले 10 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 30 करोड़ तक पहुंच सकती है।
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का होगा नवीनीकरण
बंसल ने मुंबई एयरपोर्ट के विस्तार से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट पर विमानों के परिचालन क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए काम जारी है। इसके अलावा मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके 2030 की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस विस्तार से एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट्स के निजीकरण प्रक्रिया में भी हिस्सा लेगी कंपनी
AAHL आने वाले समय में देश के एयरपोर्ट्स के निजीकरण की प्रक्रिया में भी हिस्सा लेगी। कंपनी अपने मौजूदा एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार करने के साथ नए अवसरों पर भी नजर रख रही है। मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट भी AAHL के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में अपने एयरपोर्ट्स के जरिए सालाना 30 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता हासिल करना है।
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