Manrega yojna: कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मनरेगा को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म करने की सरकार की योजना के खिलाफ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी। इसकी पूरी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर दी है। साथ ही सरकार पर कई आरोप भी लगाए है।
मनरेगा के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने की सरकार की योजना के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी बुधवार यानी 17 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस, 28 दिसंबर को, हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हर मंडल और गांव में महात्मा गांधी की तस्वीरें लेकर कार्यक्रम आयोजित करेंगे, ताकि इस जनविरोधी कानून और बापू जी की विरासत पर सीधे हमले का विरोध किया जा सके।
Manrega yojna: “करोड़ों परिवार की आजीविका का माध्यम मनरेगा”
उन्होंने कहा कि मनरेगा एक ऐतिहासिक कानून है, जिसने लोगों को काम का अधिकार दिया है, श्रम की गरिमा को बनाए रखा है, और पूरे भारत में करोड़ों ग्रामीण परिवारों को आजीविका सुरक्षा प्रदान की है। हमारा संघर्ष किसी सामान्य बिल का विरोध करने के बारे में नहीं है, यह एक मुश्किल से मिले अधिकार की रक्षा करने और उन लाखों लोगों के साथ खड़े होने के बारे में है जिनकी जिंदगी, गरिमा और उम्मीद मनरेगा पर निर्भर करती है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी की भावना से और भारत के सबसे गरीब लोगों की रक्षा में इस लड़ाई का नेतृत्व करती रहेगी।
To fight against the Government’s plan to kill the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA), the Congress Party will hold nationwide protests tomorrow, 17th December, at all District Headquarters.
Further, on the Foundation Day of the Indian National… pic.twitter.com/zmi1vxM7c8
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) December 16, 2025
Manrega yojna: “गाँधी के मूल्यों को मिटाने की सजिश”
कांग्रेस नेता ने एक्स पर पत्र भी शेयर करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने के लिए एक बिल लाकर एक खतरनाक और जानबूझकर उठाया गया कदम है। यह कोई सामान्य विधायी प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐतिहासिक, अधिकार-आधारित लोगों के कानून को कमजोर करने और भारत के सबसे पहचाने जाने वाले कल्याणकारी कानून से महात्मा गांधी का नाम और मूल्यों को मिटाने की एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है।
जानिए क्या है मनरेगा योजना
मनरेगा जन संघर्ष से पैदा हुआ था और इसमें ‘हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो’ का वादा था। इसने ग्रामीण भारतीयों को काम मांगने का कानूनी अधिकार दिया, पूरे ग्रामीण भारत में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी, विकेन्द्रीकृत शासन को मजबूत किया, महिलाओं और भूमिहीनों को सशक्त बनाया, और लागू करने योग्य अधिकारों के माध्यम से श्रम की गरिमा को बनाए रखा।
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