Shivraj Singh Chouhan: लोकसभा में विकसित भारत: रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल (वीबी: जी-राम-जी), 2025 के पारित होने के दौरान हुए हंगामे को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस और इंडी ब्लॉक के सांसदों के आचरण को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।
संसद लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संसद कोई ईंट-गारे की इमारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है, जहां सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जी-राम-जी बिल पर गंभीर चर्चा हुई और उन्होंने 98 सांसदों के विचारों को ध्यान से सुना। इसके बावजूद जब उन्हें जवाब देने का अवसर मिला, तो विपक्ष ने अमर्यादित व्यवहार किया, कागज उछाले गए और बोलने नहीं दिया गया, जो संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है।
Shivraj Singh Chouhan: विपक्ष के हंगामे पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष की नाराजगी समझ से परे है। ग्रामीण रोजगार से जुड़ी कई योजनाएं पहले भी रही हैं, जैसे जवाहर रोजगार योजना, संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना और मनरेगा। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी योजना का नाम देश के पहले प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया, तो इसमें अपमान कैसा? उन्होंने इस पूरे हंगामे को लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने की कोशिश बताया।
गरीब कल्याण और विकसित गांव का संकल्प
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब कल्याण भाजपा का मूल संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकसित गांवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिसके लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है।
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