JNU Protest: बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने जेएनयू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
पटना में मंत्री अशोक चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह गलत बात है। भारत की न्यायिक व्यवस्था में भरोसा रखना जरूरी है। न्यायिक प्रक्रिया अपनी तरह से चलती है। विरोध प्रदर्शन करना गलत है। जिन लोगों ने मोदी और अमित शाह के खिलाफ टिप्पणियां की हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार जनता द्वारा चुनी गई है, किसी के आशीर्वाद से नहीं। इस तरह की भाषा का प्रयोग करना गलत है। पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, किसी राज्य या पार्टी के नहीं। देश में रहकर ऐसी बातें करना सरासर गलत है। कार्रवाई की जानी चाहिए। संविधान के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बोलने की आजादी का मतलब यह नहीं कि आप कुछ भी कह सकते हैं।
JNU Protest: प्रधानमंत्री के सम्मान की बात
भाजपा सांसद बृजलाल ने कहा कि जेएनयू में घोर आपत्तिजनक नारे लगाए गए हैं, जिन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यहां अफजल गुरु, याकूब मेमन, उमर खालिद, शरजील इमाम, आतंकियों और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगते हैं, जो देशद्रोह है। दोषियों को आतंकी घोषित करके कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

देशविरोधी नारों की निंदा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक नोटिस में कहा गया है कि जेएनयू प्रशासन ने बीती रात साबरमती कैंपस में हुए प्रदर्शन के वीडियो को बहुत गंभीरता से लिया है, जिसमें जेएनयूएसयू से जुड़े छात्रों के एक समूह ने अत्यंत आपत्तिजनक, भड़काऊ और उत्तेजक नारे लगाए थे। सक्षम प्राधिकारी ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और सुरक्षा शाखा को जांच में पुलिस के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे नारे लगाना लोकतांत्रिक असहमति के बिल्कुल विपरीत है और जेएनयू कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करता है तथा इससे सार्वजनिक व्यवस्था, कैंपस में सद्भाव और विश्वविद्यालय तथा देश की सुरक्षा एवं संरक्षा के माहौल को गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना है।
परिसर की शांति बनाए रखने की अपील
ऐसा कार्य संवैधानिक संस्थाओं तथा सिविल एवं लोकतांत्रिक संवाद के स्थापित नियमों का जानबूझकर अपमान दर्शाता है। सभी को असहमति, गाली-गलौज और घृणा फैलाने वाली भाषा के बीच स्पष्ट अंतर समझना चाहिए, जिससे सार्वजनिक अव्यवस्था फैलती है। सभी से अनुरोध है कि वे ऐसी किसी भी अनावश्यक गतिविधि में शामिल होने से बचें तथा कैंपस में शांति और भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें। ऐसा न करने पर नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






