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ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद BJP में शामिल

TMC: ममता को बड़ा झटका, TMC के तीन पूर्व सांसद BJP में शामिल

TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद “सुखेंदु शेखर राय”, “सुष्मिता देव” और “प्रकाश चिक बड़ाइक” ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

राज्यसभा से इस्तीफे के बाद भाजपा में शामिल हुए नेता

भाजपा के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य ने आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए बताया कि सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने शुक्रवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने बताया कि तीनों नेताओं ने भाजपा में शामिल होने से पहले राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा ने इसे पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

TMC: टीएमसी के लिए माना जा रहा बड़ा झटका

सुखेंदु शेखर राय लंबे समय तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वहीं, सुष्मिता देव भी टीएमसी का प्रमुख चेहरा रही हैं और पार्टी के कई महत्वपूर्ण अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। प्रकाश चिक बड़ाइक भी संगठन के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। ऐसे में तीनों नेताओं का एक साथ पार्टी छोड़ना तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

TMC के नेताओं का भाजपा ने किया स्वागत

भाजपा नेतृत्व ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और राजनीतिक समझ का लाभ पार्टी को मिलेगा। पार्टी का दावा है कि इन नेताओं के शामिल होने से पश्चिम बंगाल में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी। भाजपा इसे राज्य में अपने जनाधार के विस्तार की दिशा में अहम कदम मान रही है।

TMC: बंगाल की राजनीति में बन सकते हैं नए समीकरण

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण उभर सकते हैं। ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं का भाजपा में जाना आने वाले चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।