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टीएमसी छोड़ने के बाद बंगाल में BJP का बड़ा दांव, सुखेंदु, सुष्मिता और प्रकाश को राज्यसभा उपचुनाव का टिकट

TMC:

TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए राज्यसभा उपचुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर हाल ही में पार्टी में शामिल हुए तीन नेताओं सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक को राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया है। इन नामों की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में की गई।

भाजपा ने तीन नए नेताओं पर जताया भरोसा

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल से होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के नामों पर मुहर लगाई है। तीनों नेता हाल ही में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी का मानना है कि इन अनुभवी नेताओं के शामिल होने से संगठन को मजबूती मिलेगी और राज्यसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व और प्रभाव बढ़ेगा।

TMC: भाजपा में शामिल होते ही मिला टिकट

सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने गुरुवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इससे पहले तीनों नेताओं ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक बड़ाइक ने 11 जून को अपना इस्तीफा सौंपा था। भाजपा ने पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद तीनों को राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

समिक भट्टाचार्य ने बताया अपवाद

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में शामिल करने का फैसला एक विशेष परिस्थिति में लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस के सभी नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोल रही है। उनके अनुसार, तीनों नेताओं की राजनीतिक छवि साफ रही है और उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है।

TMC: संख्या बल से भाजपा की स्थिति मजबूत

पश्चिम बंगाल विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। विधानसभा में भाजपा के पास पर्याप्त समर्थन होने के कारण राज्यसभा उपचुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन उम्मीदवारों के चयन से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।