Rajasthan News: राजस्थान जिले के नागौर के गोटन कस्बे में एक अत्यंत हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक निजी विद्यालय में पढ़ने वाली मात्र 9 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। मासूम बच्ची सुबह स्कूल परिसर में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इलाके में शोक
यह दुखद घटना 23 फरवरी की सुबह लगभग 7:48 बजे गोटन स्थित गोटन इंटरनेशनल स्कूल में हुई। घटना का एक वीडियो गुरुवार को सामने आया, जिसके बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल गहरा गया। जानकारी के अनुसार, बच्ची के बड़े भाई की भी कुछ माह पूर्व इसी तरह अचानक हृदयाघात से मृत्यु हो चुकी थी, जिससे इस घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

विद्यालय के निदेशक रामकुंवर ओला ने बताया कि तालनपुर निवासी राजेंद्र बापेडिया की पुत्री दिव्या कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। वह प्रतिदिन की तरह 23 फरवरी की सुबह भी समय पर स्कूल पहुंची थी। प्रार्थना सभा शुरू होने में कुछ समय शेष था। इस दौरान कई बच्चे स्कूल के मैदान में खेल रहे थे और दिव्या भी उन्हीं के साथ खेल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेलते-खेलते वह अचानक असंतुलित हुई और कुछ ही क्षणों में बेहोश होकर जमीन पर गिर गई।
Rajasthan News: मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट?
घटना के तुरंत बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों और स्टाफ ने तत्काल उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी। बिना समय गंवाए उसे गोटन के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि छात्रा के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। प्राथमिक तौर पर मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट माना गया है। हालांकि, विस्तृत कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम के बाद ही संभव थी, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद नियमानुसार शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार के लिए यह त्रासदी और भी गहरी इसलिए है क्योंकि दिव्या के बड़े भाई अभिषेक की भी 9 सितंबर 2025 को इसी प्रकार अचानक मृत्यु हो गई थी। बताया जाता है कि वह घर पर खेलते समय अचानक बेहोश हो गया था। उसे भी तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। लगातार दो संतानों की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में कम उम्र में हृदयाघात जैसी घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। चिकित्सक मानते हैं कि बच्चों में इस तरह की घटनाएं अत्यंत दुर्लभ होती हैं, लेकिन यदि परिवार में हृदय संबंधी किसी अनुवांशिक समस्या का इतिहास हो तो जोखिम बढ़ सकता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मासूम बच्ची को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
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