Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ने की कोशिश कर रहे छह युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये युवक प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से प्रभावित होकर उनके प्रचार से जुड़े कंटेंट देखते और सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करते थे। मामले का खुलासा पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान हुआ, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई।
सोशल मीडिया निगरानी में सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार यह मामला गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव से जुड़ा है। जांच के दौरान पता चला कि कुछ युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा कंटेंट देख रहे थे और उसे लाइक व शेयर भी कर रहे थे। इन युवकों के मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।जांच में सामने आया कि ये लोग आतंकी संगठनों के प्रचार से प्रभावित होकर उनके ट्रेनिंग से जुड़े वीडियो देखते थे और इस तरह की विचारधारा से जुड़ी सामग्री में रुचि दिखा रहे थे।
Uttar Pradesh: छह युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में सावेज उर्फ जिहादी, इकराम, जावेद, जुनैद, फरदीन और फजरु नाम के छह युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि इन युवकों में से कुछ मजदूरी करते थे, कुछ पढ़ाई कर रहे थे और एक व्यक्ति मदरसा से भी जुड़ा बताया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि समूह का नेतृत्व करने वाला युवक सावेज खुद को “जिहादी” कहकर पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था और अन्य युवकों को भी प्रभावित कर रहा था।
Uttar Pradesh: यूएपीए और अन्य धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़े कानूनों के तहत केस दर्ज किया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां कर रही गहन जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल यह जांच की जा रही है कि इन युवकों का किसी बड़े नेटवर्क से संबंध तो नहीं है और क्या उन्हें किसी बाहरी स्रोत से प्रेरणा या संपर्क मिला था। इसके लिए उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि इस तरह की किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
ये भी पढ़े: वॉशिंगटन में ट्रंप-एपस्टीन का टाइटैनिक पोज स्टैच्यू देख भारतीयों ने क्यों लगाए हंसी के ठहाके?







