Afghanistan : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दावा किया कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हवाई हमला किया। मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा एक रात पहले किए गए हमलों के जवाब में की गई। अफगान अधिकारियों ने बताया कि कोहाट क्षेत्र में मौजूद पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि इस हमले में किसी के मारे जाने या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने दोनों देशों के बीच हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार के कुछ इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। स्थानीय अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
Afghanistan का पाकिस्तान पर जवाबी हमला
तालिबान प्रशासन के मुताबिक इन हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने एक निजी एयरलाइन ‘काम एयर’ के फ्यूल डिपो को निशाना बनाया। यह डिपो न केवल नागरिक विमानों को बल्कि संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन उपलब्ध कराता है। मुजाहिद ने इसे नागरिक ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई का जवाब देना जरूरी था। दूसरी ओर पाकिस्तान का कहना है कि उसने किसी नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया।
पाकिस्तान का दावा
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बताया कि उनकी सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकाने थे। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि TTP के लड़ाके अफगान सीमा के भीतर सुरक्षित ठिकानों से हमले करते हैं। हाल के महीनों में पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमलों के बाद सेना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्रवाई तेज कर दी है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह टकराव नया नहीं है। फरवरी के आखिर में भी पाकिस्तान ने अफगान सीमा के पास एयरस्ट्राइक की थी। उस समय पाकिस्तान के अधिकारियों ने दावा किया था कि इन हमलों में कई दर्जन आतंकी मारे गए। वहीं तालिबान सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया था और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद 27 फरवरी को अफगानिस्तान की ओर से भी जवाबी हमला किए जाने का दावा किया गया था।
मानवीय संकट गहराया
लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों का असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन के अनुसार हाल के हमलों में दर्जनों नागरिकों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में बढ़ते संघर्ष के कारण एक लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच जल्द बातचीत नहीं हुई तो यह तनाव बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है।
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