Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक साल के मासूम बच्चे ने खेल-खेल में करीब तीन इंच लंबी जिंदा मछली निगल ली। लेकिन समय रहते डॉक्टरों की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने बच्चे को नया जीवन दे दिया।
हंसी-खुशी का पल बना हादसे की वजह
यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है, जब घर में एक्वेरियम की सफाई चल रही थी। बच्चे के बड़े भाई-बहन जाली में रखी सजावटी मछलियों के साथ खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक मछली उछली और उस वक्त जोर-जोर से हंस रहे एक साल के बच्चे के मुंह में जा घुसी।यह सब इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में मासूम की हालत बिगड़ने लगी।
Indore News: सांस रुकने लगी, खून आने लगा
मछली बच्चे के गले में फंस गई थी और वह अंदर ही फड़फड़ा रही थी। इससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत, घबराहट, बेचैनी और मुंह से खून आने जैसी गंभीर समस्याएं होने लगीं। परिजन बुरी तरह घबरा गए और तुरंत बच्चे को इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MY Hospital) लेकर पहुंचे।
Indore News: डॉक्टरों की फुर्ती ने बचाई जान
अस्पताल पहुंचते ही ENT विभाग की अध्यक्ष डॉ. यामिनी गुप्ता ने बिना समय गंवाए स्थिति को गंभीर समझा और इमरजेंसी टीम को अलर्ट कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि मछली अभी भी जिंदा थी और गले में फंसकर तेजी से हिल रही थी, जिससे बच्चे के गले में घाव हो चुका था।स्थिति बेहद नाजुक थी, इसलिए तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया गया।
आधे घंटे की जटिल सर्जरी, मौत से जीती जिंदगी
करीब छह डॉक्टरों की टीम ने मिलकर आधे घंटे तक चली जटिल सर्जरी के दौरान बच्चे के गले से मछली को बाहर निकाला। ऑपरेशन के दौरान हर पल चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि बच्चे की सांस की नली बेहद संकरी होती है और जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी।सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक बच्चे को निगरानी में रखा गया और राहत की बात यह रही कि अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
Indore News: डॉक्टरों ने दी बड़ी चेतावनी
डॉ. यामिनी गुप्ता के मुताबिक, छोटे बच्चों के गले में कोई भी बाहरी वस्तु फंसना बेहद खतरनाक हो सकता है। उनकी सांस की नली बहुत पतली होती है, जिससे दम घुटने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।लापरवाही बन सकती है जानलेवायह घटना एक बड़ी सीख भी देती है कि छोटे बच्चों के आसपास किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर जब घर में एक्वेरियम, छोटे खिलौने या ऐसी चीजें हों जो आसानी से मुंह में जा सकती हैं, तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।यह घटना जहां एक तरफ डराने वाली है, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता का भी शानदार उदाहरण है, जिन्होंने असंभव लगने वाली स्थिति में भी एक मासूम की जिंदगी बचा ली।
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