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इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले हलचल, वेंस-शहबाज मुलाकात; भरोसे की कमी बनी सबसे बड़ी चुनौती

JD Vance Pakistan Visit:
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JD Vance Pakistan Visit: अमेरिका उपराष्ट्रपति JD Vance और पाक पीएम शहबाज़ शरीफ ने आज इस्लामाबाद में मुलाकात की। वाइट हाउस ने बैठक की पुष्टि की है। इस बीच अमेरिका और Iran के बीच प्रस्तावित वार्ता के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुके हैं।

अमेरिका की ओर से वार्ता का नेतृत्व जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

बैठक से पहले ही अनिश्चितता

हालांकि बातचीत शुरू होने से पहले ही अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इस्लामाबाद में मौजूद पत्रकारों को भी बैठक के समय और स्थान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

JD Vance Pakistan Visit: व्हाइट हाउस ने खारिज की रिपोर्ट

वाइट हाउस ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान की जब्त संपत्तियां छोड़ने को तैयार है। इससे पहले खबरें थीं कि कतर समेत अन्य देशों में जमा ईरानी फंड को रिलीज किया जा सकता है, लेकिन अमेरिका ने इसे सिरे से नकार दिया।

JD Vance Pakistan Visit: गालिबाफ का संदेश

इस्लामाबाद पहुंचने के बाद मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें युद्ध में मारे गए बच्चों की याद में श्रद्धांजलि दी गई। यह संकेत माना जा रहा है कि ईरान वार्ता में भावनात्मक और सख्त रुख दोनों के साथ आया है।

बातचीत के प्रमुख मुद्दे

दोनों देशों के बीच वार्ता कई अहम मुद्दों पर केंद्रित है:

परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर नियंत्रण
आर्थिक प्रतिबंध और जमे हुए फंड
मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा
भरोसे की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

रिपोर्ट्स के अनुसार, वार्ता की सबसे बड़ी चुनौती दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी है। ईरान ने स्पष्ट कहा है कि उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है, जबकि अमेरिका ने भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

इस बीच इजराइल और हेज़बोल्लाह के बीच हमले जारी हैं। लेबनान में अब तक हजारों लोगों के हताहत होने की खबर है। वहीं, होर्मुज मार्ग पर अनिश्चितता के चलते यूरोप में ईंधन संकट की आशंका भी जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय हलचल

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने कहा है कि युद्धविराम में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए। दूसरी ओर सऊदी अरब के वित्त मंत्री का पाकिस्तान दौरा भी आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

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