Delhi-Dehradun Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया, जिससे उत्तर भारत में कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू हो गया है। करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है।
गडकरी ने बताया गेम चेंजर प्रोजेक्ट
इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर अब लगभग 6 घंटे से घटकर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह सिर्फ सड़क परियोजना नहीं, बल्कि देश के आर्थिक विकास को गति देने वाला बड़ा माध्यम है।
Delhi-Dehradun Corridor: पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
नितिन गडकरी के अनुसार, इस कॉरिडोर से प्रमुख पर्यटन स्थलों और आर्थिक केंद्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, खासकर उत्तराखंड जैसे पर्यटन राज्य को बड़ा फायदा मिलेगा।
इन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ
यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है और देहरादून, हरिद्वार व ऋषिकेश जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच को आसान बनाएगा।
Delhi-Dehradun Corridor: आधुनिक सुविधाओं से लैस कॉरिडोर
कॉरिडोर में 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज, 4 बड़े पुल और 12 वेसाइड सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम होगी।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
इस परियोजना में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है। 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर, पशु मार्ग, हाथियों के लिए अंडरपास और सुरंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों को भी मजबूती देगा, जिससे उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
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