Maharashtra news: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा इलाके में सामने आए अश्लील वीडियो कांड ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर करीब 350 आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
बीजेपी सांसद का बड़ा दावा
इस मामले को लेकर बीजेपी सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने दावा किया है कि करीब 180 लड़कियां इस पूरे कांड की शिकार हो सकती हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साइबर क्राइम विभाग भी पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटा है।
Maharashtra news: विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है और सरकार को जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
Maharashtra news: सरकार का जवाब, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का दावा
वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि महिला सुरक्षा के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने विपक्ष पर आरोप लगाया है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
इलाके में तनाव, पुलिस की अपील
घटना के बाद परतवाड़ा और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पीड़िता या उनके परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है।
एक आरोपी गिरफ्तार, जांच तेज
Maharashtra news: इस मामले में अमरावती ग्रामीण पुलिस ने 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर अहमद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने लड़कियों से दोस्ती कर उनकी मर्जी के बिना आपत्तिजनक कंटेंट तैयार किया और उसे वायरल किया। पुलिस ने उसके खिलाफ BNS, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस ने पीड़िताओं और उनके परिवारों से अपील की है कि वे निडर होकर सामने आएं। साथ ही आश्वासन दिया गया है कि उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव कानूनी व मानसिक सहायता दी जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की भी अपील की गई है।
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