Boatman Gouranga Biswas: नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे के दौरान एक साधारण नाविक गौरांग विश्वास की जिंदगी ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। कोलकाता के प्रिंसेप घाट पर प्रधानमंत्री अचानक उनकी नाव पर सवार हुए, जिससे यह घटना चर्चा का विषय बन गई। गौरांग, जिन्हें गांव में ‘कालू’ के नाम से जाना जाता है, इस अप्रत्याशित मुलाकात से अचंभित रह गए।
साधारण नाविक से बने सुर्खियों का चेहरा
हुगली जिला के गोपालपुर गांव के रहने वाले 70 वर्षीय गौरांग विश्वास एक साधारण नाविक हैं, जो दिहाड़ी पर नाव चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। प्रधानमंत्री के साथ गंगा विहार कराने के बाद उनका नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया और वह रातों-रात सुर्खियों में आ गए।
Boatman Gouranga Biswas: परिवार को पहले हुई चिंता, फिर मिली खुशी
घटना के दौरान जब गौरांग के बेटे शंकर को लगातार फोन आने लगे, तो परिवार को किसी अनहोनी की आशंका हुई। बाद में जब टीवी और सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी के साथ गौरांग की तस्वीरें सामने आईं, तब परिवार को पूरी जानकारी मिली और खुशी का माहौल बन गया।
Boatman Gouranga Biswas: गरीबी से जूझते हुए बदली जिंदगी की कहानी
करीब 15 साल पहले मछलियों की कमी और आर्थिक तंगी के कारण गौरांग को अपना गांव छोड़कर कोलकाता आना पड़ा था। आज भी वह अपनी नाव के बजाय दूसरों की नाव चलाकर रोजी-रोटी कमाते हैं और उसी से परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
गांव में जश्न, राजनीति से परे मेहनत की पहचान
गौरांग के इस अनुभव के बाद पूरे गोपालपुर गांव में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग इसे गर्व का क्षण बता रहे हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई है कि एक आम नागरिक भी देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति से सीधे जुड़ सकता है।
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