
West bengal: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। एक फैसले ने TMC और बीजेपी को सीधे आमने-सामने ला दिया है। चुनाव आयोग ने यूपी के चर्चित IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया है, जिसे अभिषेक बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है। बस यही फैसला अब राजनीतिक विवाद की वजह बन गया है।
क्यों मचा है विवाद?
TMC का आरोप है कि बीजेपी को केंद्रीय बलों पर भरोसा नहीं है, इसलिए बाहर से ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ अधिकारी लाया गया है। पार्टी इसे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बता रही है। वहीं बीजेपी इसे चुनाव आयोग का निष्पक्ष कदम बता रही है, जिससे मतदान शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके।
West bengal: कौन हैं ‘UP के सिंघम’ अजय पाल शर्मा?
अजय पाल शर्मा 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से आते हैं। मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले शर्मा अपनी सख्त छवि और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई बड़े और जोखिम भरे ऑपरेशन संभाले हैं, जिससे उन्हें ‘UP का सिंघम’ कहा जाने लगा।
West bengal: चुनाव आयोग का बड़ा दांव
पहले चरण की वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से खत्म होने के बाद आयोग अब दूसरे चरण में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि सिर्फ केंद्रीय बलों पर निर्भर रहने के बजाय अनुभवी अधिकारियों को भी मैदान में उतारा गया है।
कैसी है सुरक्षा की तैयारी?
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। राज्य के 7 जिलों में 2,321 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की गई हैं। इसके अलावा 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन और कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अकेले कोलकाता में 273 कंपनियां तैनात हैं।
कब है वोटिंग और रिजल्ट?
West bengal: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस ‘सिंघम एंट्री’ का चुनावी माहौल पर क्या असर पड़ता है।
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