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भारत की रहस्यमयी और ‘श्रापित’ नदियां: कर्मनाशा से चंबल तक, जिनसे जुड़ी हैं डरावनी मान्यताएं

Cursed Rivers of India:

Cursed Rivers of India: भारत में गंगा और यमुना जैसी नदियों को पवित्र माना जाता है, लेकिन देश में कुछ ऐसी नदियां भी हैं जिन्हें लोक मान्यताओं में श्रापित बताया जाता है। इन नदियों से जुड़ी रहस्यमयी कहानियां और धार्मिक कथाएं आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

कर्मनाशा नदी: नाम से ही जुड़ा डर

कर्मनाशा नदी उत्तर प्रदेश और बिहार में बहती है और इसे भारत की सबसे श्रापित नदियों में गिना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस नदी का पानी छूने से अच्छे कर्म नष्ट हो जाते हैं और दुर्भाग्य पीछा नहीं छोड़ता। इसी वजह से कई लोग आज भी इस नदी के पानी का इस्तेमाल करने से बचते हैं।

Cursed Rivers of India:
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Cursed Rivers of India: चंबल नदी और श्राप की कहानी

चंबल नदी मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरती है। यह नदी कभी डाकुओं के कारण बदनाम रही, लेकिन इसके साथ जुड़ी श्राप की कहानियां भी काफी चर्चित हैं। लोककथाओं के मुताबिक, राजा रतिदेव ने यहां हजारों जानवरों की बलि दी थी और उनका खून नदी में बहाया गया था। कुछ कथाओं में इसे द्रौपदी के श्राप से भी जोड़ा जाता है।

Cursed Rivers of India: फल्गु नदी और माता सीता का श्राप

फल्गु नदी का संबंध रामायण काल से माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम और लक्ष्मण पिंडदान सामग्री लेने गए थे, तब माता सीता ने अकेले ही राजा दशरथ का श्राद्ध कर दिया था। बाद में फल्गु नदी ने गवाही देने से इनकार कर दिया, जिससे नाराज होकर माता सीता ने उसे श्राप दिया कि वह ऊपर से सूखी दिखाई देगी। मान्यता है कि आज भी इस नदी का जल जमीन के नीचे बहता है।

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कोशी: ‘बिहार का शोक’

कोशी नदी को सीधे तौर पर श्रापित नहीं माना जाता, लेकिन इसकी विनाशकारी बाढ़ों के कारण इसे ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है। हर साल आने वाली बाढ़ लाखों लोगों को प्रभावित करती है। गांव डूब जाते हैं, फसलें बर्बाद होती हैं और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

Cursed Rivers of India:

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