Home » महाराष्ट्र » मुंबई में छाया ‘महालक्ष्मी सरस 2026’, 21 करोड़ से ज्यादा का कारोबार, 17 मई तक बढ़ी प्रदर्शनी

मुंबई में छाया ‘महालक्ष्मी सरस 2026’, 21 करोड़ से ज्यादा का कारोबार, 17 मई तक बढ़ी प्रदर्शनी

Maharashtra news: Mahalaxmi Saras 2026 इस समय मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग की ओर से आयोजित यह प्रदर्शनी न सिर्फ ग्रामीण कला और संस्कृति को मंच दे रही है, बल्कि हजारों महिला उद्यमियों के लिए नए रोजगार और कारोबार के अवसर भी पैदा कर रही है।

BKC में लगा है ‘एक छत के नीचे पूरा महाराष्ट्र’

मुंबई के BKC स्थित MMRDA ग्राउंड में 2 मई से शुरू हुई यह प्रदर्शनी अब बढ़ती मांग को देखते हुए 17 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है। ‘उमेद महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत आयोजित इस मेले में राज्यभर से आए ग्रामीण कारीगर अपने हस्तशिल्प, हथकरघा, साड़ियां, आभूषण, ऑर्गेनिक उत्पाद और पारंपरिक खाद्य सामग्री बेच रहे हैं।यहां आने वाले लोगों को “एक ही छत के नीचे पूरा महाराष्ट्र” देखने का अनुभव मिल रहा है।

Maharashtra news: 500 से ज्यादा स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी में 535 प्रोडक्ट स्टॉल और 80 फूड स्टॉल लगाए गए हैं। खास बात यह है कि यहां महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों की खास चीजें एक ही जगह पर मिल रही हैं। ग्रामीण स्वाद से भरपूर फूड स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए घरेलू उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। वातानुकूलित फूड कोर्ट, मुफ्त बस सेवा और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं ने भी लोगों का अनुभव बेहतर बनाया है।

Maharashtra news: अब तक 21 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार

महालक्ष्मी सरस 2026 को लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। अब तक इस प्रदर्शनी में 21 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार दर्ज किया जा चुका है। सबसे खास बात यह रही कि सिर्फ 9 मई को ही करीब 6 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इससे साफ है कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

लाखों महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भर बनने का मौका

‘उमेद’ मिशन के तहत पूरे महाराष्ट्र में 6.68 लाख से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं, जिनमें 71 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन महिलाओं को स्थायी बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसी दिशा में “उमेद मार्ट” और “उमेद मॉल” जैसी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए महिला उद्यमियों के उत्पाद अब देश ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजार तक पहुंच रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण का बड़ा मंच बना ‘महालक्ष्मी सरस’

Maharashtra news: लोगों का मानना है कि ‘महालक्ष्मी सरस 2026’ सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत मिसाल बन चुका है। सरकार की योजना आने वाले समय में “उमेद मॉल” को जिला और तालुका स्तर तक विस्तार देने की है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी बाजार और नए बिजनेस अवसर मिल सकें।

 

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