West Bengal: पश्चिम बंगाल की सियासत में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee काला कोट पहनकर सीधे Calcutta High Court पहुंचीं। चुनाव बाद हिंसा, बुलडोजर कार्रवाई और टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ के आरोपों पर हो रही सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी खुद अदालत में मौजूद रहीं और माना जा रहा है कि उन्होंने चीफ जस्टिस Justice Sujoy Paul के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी की।
चुनाव बाद हिंसा पर गरमाई सियासत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के कई इलाकों से हिंसा, तोड़फोड़ और राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आईं। आरोप है कि कई All India Trinamool Congress (टीएमसी) कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई।इन घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन्हीं याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी का अदालत पहुंचना पूरे मामले को और ज्यादा राजनीतिक और कानूनी महत्व दे गया।
West Bengal: कल्याण बनर्जी ने बीजेपी पर साधा निशाना
टीएमसी सांसद और वरिष्ठ वकील Kalyan Banerjee ने अदालत में कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद एक के बाद एक टीएमसी दफ्तरों पर हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि Bharatiya Janata Party के समर्थकों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा।कल्याण बनर्जी ने अदालत से मांग की कि 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा की तरह इस मामले में भी विशेष जांच व्यवस्था बनाई जाए।
सुनवाई के दौरान 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामले का जिक्र किया गया। उस समय हाईकोर्ट ने National Human Rights Commission को शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्देश दिया था।कल्याण बनर्जी ने कहा कि मौजूदा मामले में भी उसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कोर्ट से अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत मिल सके।
West Bengal: बंगाल में भी शुरू हो गया बुलडोजर कल्चर
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Bikash Ranjan Bhattacharya ने अदालत में कहा कि अब बंगाल में भी बुलडोजर कल्चर शुरू हो गया है।उन्होंने दावा किया कि कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके के पास फेरीवालों का पूरा क्षेत्र ध्वस्त कर दिया गया। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में छोटे दुकानदारों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से डीएसजी Dhiraj Trivedi ने याचिकाकर्ताओं की मांगों पर आपत्ति जताई। पुलिस का कहना है कि मामले के तथ्यों और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लिया जाना चाहिए।
अदालत ने पूछा बड़ा सवाल
हाईकोर्ट ने कल्याण बनर्जी से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि 2021 की तरह इस मामले में भी विशेष समिति बनाई जाए। इस पर उन्होंने कहा कि हां, लेकिन इसके साथ कोर्ट से तत्काल अंतरिम राहत भी दी जाए।काला कोट पहनकर ममता की एंट्री ने बढ़ाया सस्पेंसममता बनर्जी का वकील के अंदाज में हाईकोर्ट पहुंचना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिला कि राज्य सरकार इस मामले को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के रूप में भी देख रही है।चुनाव बाद हिंसा, बुलडोजर कार्रवाई और फेरीवालों की आजीविका से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। अदालत का अगला कदम यह तय करेगा कि क्या बंगाल में भी बुलडोजर कार्रवाई पर न्यायिक निगरानी बढ़ेगी और क्या 2021 की तरह विशेष जांच समिति बनाई जाएगी।








