JP NADDA HEALTH NEWS: जेपी नड्डा ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सभी नागरिकों के लिए किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘पूरी सरकार’ और ‘पूरे समाज’ के दृष्टिकोण के तहत भारत यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का जिक्र
नड्डा ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत अब तक 880 मिलियन से अधिक भारतीयों को यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री, रिपोर्ट, दवाइयों और इलाज संबंधी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी हैं।
JP NADDA HEALTH NEWS: एआई के नैतिक इस्तेमाल पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एआई का विकास नैतिक, समावेशी और मानव-केंद्रित होना चाहिए ताकि इसका लाभ दुनिया भर के लोगों तक समान रूप से पहुंच सके।
‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में भारत
नड्डा ने सस्ती जेनेरिक दवाओं और टीकों के उत्पादन में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल के तहत लगभग 100 देशों को करीब 300 मिलियन वैक्सीन डोज उपलब्ध कराईं। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग और मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
अपने संबोधन के अंत में नड्डा ने कहा कि सभी देशों को साझा जिम्मेदारी के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि दुनिया को अधिक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य दिया जा सके।








