New Gene Therapy for Bad Cholesterol: हाल ही में वैज्ञानिकों ने शरीर में लीवर के साथ जिस जीन को पाया, वह रक्त में बैड कोलेस्ट्रोल को बनने से रोक सकता है। पता चला है कि लीवर में जीन के उपचार से सालभर के लिए खून को गाढ़ा करने वाले जीन के उपचार में सफलता मिली है। इससे खराब एलडीएल कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है। दोनो कोलेस्ट्रोल एचडीएल और एलडीएल खून में रहते हैं। यह दो प्रकार के हैं-एक अच्छा कोले स्ट्रोल और दूसरा बैड कोलेस्ट्रोल। एचडीएल अच्छा कोलेस्ट्रोल बैड कोलेस्ट्रोल को अपने साथ लीवर में ले जाता है, जहां लीवर उसको साफ करता है। लीवर में ही वह जीन होता है, जो बैड कोलेस्ट्रोल को साफ करता है। इसी जीन में खराबी आने से जीन काम नहीं कर पाता, उसी के उपचार को चिकित्सकों ने खोज निकाला है।
दिल की धड़कन बनी रहे
अब तक दुनिया में दिल की धड़कन रुकने से व्यक्ति की मृत्य तुरंत होती है, इसमें उपचार करने में थोड़ा-सा देरी होने पर मृत्यु निश्चित हो जाती है। आजकल यह देखा गया है कि जब से कोविड का संक्रमण हुआ, तब से ठीक होने के बाद भी युवाओं में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु के केसेस बहुत से आये हैं। दिल के धड़कन के लिए शुद्ध रक्त के प्रवाह की जरूरत होती है, उसमें यदि बच्छे एचडीएल कोलेस्ट्रोल के बजाय बैड एलडीएल कोलेस्ट्रोल ज्यादा होगा, तो वह रक्त के प्रवाह को दिल में ले जाने में समय लेगा, या धमनियों में रक्त का थक्का बना देगा। ऐसी स्थिति में, पूरे शरीर में खून का जाना रुक जाता है। जबकि खून हमारे शरीर में आक्सीजन को फेफड़ो से लाता है और कार्बनडाइआक्साइड को बाहर ले जाने में मदद करता है। यही नहीं, पूरे शरीर में हमारे पचे हुए भोजन को पहुंचाता है। इसीलिए रक्त के प्रवाह को रोकने वाले एलडीएली बैड कोलेस्ट्रोल को न बनने देने में दवाओं का प्रयोग होता है। उन व्यक्तियों को जीवनभर खून को पतला करने के लिए दवाओं की जरूरत पडती है। इस जरूरत को अब वैज्ञानिक जीन थेरेपी से 62 प्रतिशत सही करने की विधि खोज पाये हैं। उन्हें दवाओं की जरूरत नहीं होगी, जिसकी जीन थेरेपी की जाएगी।
New Gene Therapy for Bad Cholesterol: नई आशा जीने की
जीन थेरेपी की इस विधि को न्यू इंग्लैंड जरनल आफ मेडिसन ने प्रकाशित किया है। एली लिली एंड कंपनी का दावा है कि इस खोज के दूसरे फेज को शीघ्र ही इसी वर्ष शुरू किया जाएगा। एम्स के अम्बुज राय कार्डियोलाजी के प्रोफेसर कहते हैं कि इस अध्ययन ने साबित कर दिया है कि जीन की एडिटिंग की जा सकती है, यानी कि जीन में संशोधन किया जा सकता है। यह अध्ययन बताता है कि इन-विवो बेस संपादन पीसीएसके9 के माध्यम से एलडीएल कोलेस्ट्रोल का उपचार किया जा सकता है। लीवर में जो जीन है, एलडीएल को नियंत्रित करता है-उस जीन का नाम ही पीसीएसके9 है। यही वह जीन है, जिसका उपचार किया जा रहा है। इस अध्ययन और प्रयोगों से भविष्य में बहुत बड़ी आशा की किरण निकली है, जो दिल की धड़कन को सामान्य करने में मदद करेगी।
लेखक: भगवती प्रसाद डोभाल
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