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दिल्ली में जल संकट पर सियासी घमासान, सरकार पर आंकड़े छिपाने का आरोप

Delhi Politics

Delhi Politics: राजधानी दिल्ली में बढ़ते जल संकट को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर जल संकट की वास्तविक स्थिति छिपाने और गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि राजधानी के बड़े हिस्से में लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार प्रभावित क्षेत्रों की संख्या कम बताकर वास्तविक हालात को छिपाने का प्रयास कर रही है।

जल संकट के आंकड़ों पर उठे सवाल

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने जल संकट से जुड़े आंकड़ों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया है। उनके अनुसार सरकार का दावा है कि केवल दस से ग्यारह प्रतिशत क्षेत्र ही जल संकट से प्रभावित हैं, जबकि वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने कहा कि राजधानी के अनेक इलाकों में नियमित जलापूर्ति बाधित है और लोगों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

Delhi Politics: प्रभावित क्षेत्रों की सूची सार्वजनिक करने की मांग

सौरभ भारद्वाज ने सरकार से मांग की कि जल संकट प्रभावित क्षेत्रों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह सूची सामने आती है तो ऐसे कई इलाकों की जानकारी सामने लाई जा सकती है, जहां लोग लंबे समय से पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कई सप्ताह से अनेक कॉलोनियों में जलापूर्ति प्रभावित है और लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।

जनता की परेशानी को लेकर सरकार पर निशाना

पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी विधायक संजीव झा ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे पहले दिल्लीवासियों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार कई इलाकों में लंबे समय से जलापूर्ति प्रभावित है और लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समस्या के समाधान के बजाय प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि आम नागरिक पानी जैसी आवश्यक सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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