UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने दावा किया है कि सीट शेयरिंग के मुद्दे पर उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से चर्चा हुई है।
संजय निषाद ने बताया कि उन्होंने अमित शाह से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर जल्द बातचीत करने का आग्रह किया था। इस पर गृह मंत्री ने कहा कि उचित समय आने पर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
एनडीए में तालमेल मजबूत होने का दावा
निषाद ने कहा कि एनडीए पूरी तरह मजबूत है और गठबंधन के सभी सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है, जबकि सीटों के बंटवारे पर निर्णय समय आने पर लिया जाएगा।
UP Elections 2027: प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना
संजय निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों और मछुआरा समाज के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज के लिए अलग विभाग बनाना उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सत्ता में रहे दलों ने समाज के वंचित वर्गों के लिए ठोस कार्य नहीं किए, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है।
पीडीए पर प्रतिक्रिया से किया परहेज
समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय निषाद ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि उनकी राजनीति किसी का जवाब देने की नहीं, बल्कि अपनी ताकत बढ़ाने की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपने एजेंडे और समाज के मुद्दों पर काम कर रही है।
UP Elections 2027: धर्मांतरण रोकने के प्रस्ताव का समर्थन
मेडिकल कॉलेजों में धर्मांतरण रोधी सेल बनाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून और प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उनके अनुसार यह समाजहित में उठाया गया कदम है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच की मांग
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले पर संजय निषाद ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर जहां विपक्षी दलों के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे की चर्चाएं तेज हैं, वहीं एनडीए के भीतर भी सहयोगी दल अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में सीट शेयरिंग को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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