Home » Assam » Assam News: असम की घटती जनसंख्या पर बोले बदरुद्दीन अजमल, ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को मिले प्रोत्साहन

Assam News: असम की घटती जनसंख्या पर बोले बदरुद्दीन अजमल, ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को मिले प्रोत्साहन

Assam News : असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने राज्य की जनसंख्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि असम में लगातार घट रही जन्म दर चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए सरकार को ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को प्रोत्साहन देना चाहिए। अजमल ने सुझाव दिया कि ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है। सोमवार को असम विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने जनसंख्या के मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय समेत राज्य के कई क्षेत्रों में जन्म दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो आने वाले वर्षों में राज्य की आबादी में और कमी आ सकती है, जिसका असर सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर पड़ेगा।

Assam News: बढ़ सकती हैं चुनौतियां

अजमल ने कहा कि कम जन्म दर का सीधा प्रभाव कामकाजी आयु वर्ग की आबादी पर पड़ेगा। इससे श्रमिकों की कमी हो सकती है और बुजुर्गों की देखभाल का भार कम लोगों पर आ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या घट सकती है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। उनके अनुसार जनसंख्या में गिरावट राज्य के विकास की गति को प्रभावित कर सकती है।

सरकार से विशेष नीति बनाने की मांग

एआईयूडीएफ प्रमुख ने केंद्र और राज्य सरकार से इस विषय को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीति तैयार करनी चाहिए जिसके तहत अधिक बच्चों वाले परिवारों को आर्थिक लाभ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। उन्होंने कुछ देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सरकारें अधिक बच्चों वाले परिवारों को बोनस और अन्य सुविधाएं देती हैं।

मिले प्रोत्साहन

अजमल ने कहा कि शिक्षा के विस्तार, बढ़ती महंगाई और बदलती जीवनशैली के कारण लोग छोटे परिवार को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगी है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे जिम्मेदारी के साथ बड़े परिवार की परंपरा को बनाए रखें। उनका मानना है कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर असम की पहचान और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।

Read More : NSD की कैंटीन में समोसे पहुंचाता था एक बच्चा, आज वही है बॉलीवुड का बादशाह

Written By : Rashmi Sharma