Delhi Colony Fire: मध्य दिल्ली स्थित उद्योग भवन के पास बुधवार तड़के मजदूरों की एक बस्ती में अचानक भीषण आग लग गई। इस बस्ती में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना से जुड़े मजदूर रह रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बस्ती इसकी चपेट में आ गई। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बस्ती में मौजूद छोटे और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों में हुए धमाकों के कारण आग और ज्यादा भड़क गई। सिलेंडर फटने से आग तेजी से आसपास के हिस्सों में फैल गई और स्थिति गंभीर हो गई।
शुरुआत में जानकारी मिली थी कि उद्योग भवन के पास स्थित लेबर झुग्गी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक पैनल में आग लगी है। आग की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली फायर सर्विस ने इसे ‘मेक-4’ कैटेगरी की बड़ी आग घोषित कर दिया।इसके बाद कई फायरफाइटिंग यूनिट्स को घटनास्थल पर भेजा गया। इनमें वॉटर टेंडर और फायर बाइक भी शामिल थीं। आग पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त वॉटर बाउजर भी बुलाए गए और उन्हें मौके पर तैनात किया गया।

Delhi Colony Fire: कई घंटों तक चला राहत और बचाव अभियान
दिल्ली अग्निशमन सेवा के मंडलीय अधिकारी संदीप दुग्गल ने बताया कि सुबह करीब 3:02 बजे आग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही शुरुआती फायर यूनिट्स कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गईं।उन्होंने बताया कि आग की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुबह करीब 3:24 बजे इसे मेक-4 कैटेगरी में अपग्रेड किया गया, जिसके बाद बचाव अभियान को और तेज किया गया।फायरफाइटर्स ने कई घंटों तक लगातार मेहनत करके आग पर काबू पाया और कोशिश की कि आग आसपास की इमारतों तक न पहुंचे।
नुकसान का किया जा रहा आकलन
अधिकारियों की टीम अब मजदूर बस्ती में हुए नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच भी जारी है। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।इससे पहले मंगलवार को दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित तकिया काले खान इलाके की वाल्मीकि बस्ती में भी झुग्गियों के एक समूह में भीषण आग लग गई थी।इस आग में करीब 30 झोपड़ियां जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में प्लाईवुड, लकड़ी और अन्य आसानी से जलने वाली सामग्री भी आग की चपेट में आ गई।
आग की लपटें काफी तेज होने के बावजूद इमरजेंसी सर्विस और पुलिस कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई की। उनकी सतर्कता और तुरंत उठाए गए कदमों के कारण किसी भी व्यक्ति की मौत या घायल होने की खबर सामने नहीं आई।
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