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जेवर बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स हब! ₹6,750 करोड़ के निवेश से उत्तर भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ बनने की ओर बड़ा कदम

Jewar: उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को आगे बढ़ाते हुए यमुना सिटी, जेवर में ₹6,750 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद रहे।

जेवर में लगेंगे दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट

इस निवेश के तहत दो बड़ी कंपनियां सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। ASCENT-K सर्किट (कोरिया की KCC के साथ जॉइंट वेंचर) करीब ₹3,250 करोड़ का निवेश कर एडवांस्ड मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) का उत्पादन करेगी। वहीं AMBER एंटरप्राइजेज ₹3,500 करोड़ की लागत से HVAC कंपोनेंट्स और PCB असेंबली यूनिट स्थापित करेगी। इन दोनों परियोजनाओं से करीब 3,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

Jewar: अब भारत में बनेंगे हाई-टेक PCB

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जेवर तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि भारत अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एडवांस्ड मल्टी-लेयर PCB का निर्माण भी देश में ही करेगा। इससे जिन उत्पादों के लिए पहले विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, वे अब ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में तैयार होंगे।

Jewar: हर साल ₹40 हजार करोड़ के PCB करता था आयात

भारत अब तक हर साल करीब ₹40 हजार करोड़ के PCB विदेशों से आयात करता रहा है। जेवर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स हब में उत्पादन शुरू होने से आयात पर निर्भरता कम होगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) को भी मजबूती मिलेगी।

तेजी से बढ़ रहा भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर

सरकार के मुताबिक, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 में ₹1.9 लाख करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर लगभग ₹13 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। भारत फिलहाल दुनिया का छठा सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यातक देश है और सरकार का लक्ष्य इसे दूसरे स्थान तक पहुंचाना है।

एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से मिलेगा बड़ा फायदा

Jewar: जेवर में विकसित हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नया एयरपोर्ट इस क्षेत्र को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जेवर उत्तर भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर सकता है।

 

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