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IAS रिंकू सिंह राही के खिलाफ लेखपालों ने खोला मोर्चा, अमानवीय व्यवहार का आरोप

 IAS Rinku Singh Rahi:

IAS Rinku Singh Rahi: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के नेतृत्व में तहसील क्षेत्र के लेखपालों और कर्मचारियों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) एवं आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को सामूहिक अवकाश का मांग पत्र सौंपते हुए एसडीएम पर अमानवीय व्यवहार और कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं।

IAS Rinku Singh Rahi: जनता के बीच अपमानित करने का आरोप-

कर्मचारियों का आरोप है कि एसडीएम रिंकू सिंह राही उन्हें जनता के सामने भ्रष्ट बताकर अपमानित करते हैं। साथ ही बिना किसी ठोस कारण के निलंबन और बर्खास्तगी की धमकी भी देते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवहार के कारण वे तनाव और अवसाद की स्थिति में हैं।

IAS Rinku Singh Rahi: स्थानांतरित लेखपालों को नहीं किया जा रहा कार्यमुक्त-

मांग पत्र में कर्मचारियों ने बताया कि 30 मई को स्थानांतरित किए गए पांच लेखपालों को उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इसे प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी बताया गया है।

लेखपाल पर दबाव और कर्मचारियों को धमकाने का आरोप-

कर्मचारियों के अनुसार 27 जून को आयोजित थाना दिवस के दौरान लेखपाल शिवम द्विवेदी पर बिना वजह रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया गया, जिससे वह मानसिक तनाव में हैं। वहीं नायब नाजिर भानुमति को भी लगातार धमकाए जाने का आरोप लगाया गया है।

प्राइवेट ऑपरेटरों से कराया जा रहा जनसुनवाई का कार्य-

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शासन के निर्देशों के विपरीत प्राइवेट ऑपरेटरों से जनसुनवाई का काम कराया जा रहा है। इससे शिकायतों के निस्तारण में देरी हो रही है और महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों की गोपनीयता पर भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।

कई कर्मचारी चिकित्सा अवकाश पर, सामूहिक अवकाश की मांग-

लेखपाल संघ का कहना है कि प्रभारी तहसीलदार समेत पांच लेखपाल चिकित्सा अवकाश पर जा चुके हैं। कर्मचारियों ने दावा किया कि लगातार मानसिक दबाव के कारण कुछ कर्मचारी आत्महत्या जैसे कदम उठाने तक की बात सोच रहे हैं। ऐसे में उन्होंने तत्काल सामूहिक अवकाश स्वीकृत करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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