US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करने की दिशा में मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में तकनीकी स्तर की वार्ता होगी। हालांकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों से सीधे बातचीत नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच संवाद कतर की मध्यस्थता में होगा।
ईरान की पहली शर्त- पहले जारी हों फ्रीज्ड फंड
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता विदेशों में फंसी ईरान की संपत्तियों (फ्रीज्ड फंड) को जारी कराना है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं होगी, तब तक शांति समझौते पर आगे बातचीत नहीं बढ़ेगी।
US-Iran Talks: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी दोहा पहुंचा
अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर दोहा पहुंच चुके हैं। यह बैठक स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय वार्ता से अलग होगी, जहां दोनों देशों के वरिष्ठ नेता आमने-सामने मिले थे।
US-Iran Talks: MoU के तहत क्या हुआ था तय?
17 जून को हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरान ने अपने समृद्ध (Enriched) यूरेनियम के भंडार को सीमित करने पर सहमति जताई थी। इसके बदले अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में राहत देने, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और अंतिम समझौते के लिए 60 दिन का समय देने का प्रस्ताव रखा था।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
- होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या 29 से घटकर 12 रह गई।
- ईरान और ओमान ने मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की।
- ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना जताई गई।
- ईरान ने कहा कि कतर में फंसी 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी किए जाएंगे।
ट्रम्प प्रशासन में मतभेद की चर्चा
समझौते के बाद ट्रम्प प्रशासन के भीतर भी अलग-अलग संकेत देखने को मिले। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया, जबकि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात दोहराई। दोनों नेताओं के अलग-अलग बयानों के बाद प्रशासन के भीतर मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इन 5 मुद्दों पर होगी अहम चर्चा
- ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत
- होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य
- विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों की रिहाई
- मध्य-पूर्व की क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता
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