Ram mandir: राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए दावे सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट को चढ़ावे में गड़बड़ी के संकेत जनवरी 2026 में ही मिल गए थे, लेकिन उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण मामला जून तक पहुंच गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
जनवरी में ऑडिट के दौरान सामने आई थीं अनियमितताएं
सूत्रों के अनुसार, हर महीने होने वाले वित्तीय ऑडिट के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बताया था कि चढ़ावे की राशि में अचानक गिरावट दर्ज की जा रही है। वाउचर और रसीदों का मिलान नहीं हो रहा था और कुछ खर्चों का पूरा हिसाब भी स्पष्ट नहीं था। बताया जाता है कि इसके बाद ट्रस्ट की ओर से महासचिव चंपत राय को पत्र लिखकर पूरे वित्तीय सिस्टम की समीक्षा कराने, चढ़ावे की निगरानी के लिए अलग विभाग प्रमुख नियुक्त करने और विदेशी मुद्रा की अलग से निगरानी की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया था।
Ram mandir: सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी दी गई थी सलाह
सूत्रों के मुताबिक, पत्र में नोट गिनने वाले कर्मचारियों के लिए तय SOP का सख्ती से पालन कराने, फ्रिस्किंग व्यवस्था मजबूत करने और मंदिर से जुड़े ठेकों में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने की भी सलाह दी गई थी। हालांकि, इन सुझावों पर उस समय अपेक्षित स्तर पर अमल नहीं हो सका।
Ram mandir: स्पाई कैमरे से खुला चोरी का मामला
मई में चढ़ावे की राशि में और गिरावट आने के बाद ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर काउंटिंग सेंटर में गुप्त कैमरा लगाया गया। बताया जा रहा है कि कैमरे की रिकॉर्डिंग में कुछ कर्मचारी नोट जेब में रखते हुए दिखाई दिए। इसके बाद मामला ट्रस्ट के सामने आया और पुलिस जांच शुरू हुई।
अविनाश शुक्ला से पूछताछ जारी
चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला को पूछताछ के लिए पुलिस ने 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया है। पुलिस ने अदालत से 48 घंटे की रिमांड मांगी थी, लेकिन फिलहाल 24 घंटे की अनुमति मिली है।
योगा सेंटर से मिला कैश, भाई का वीडियो भी चर्चा में
Ram mandir: जांच के दौरान अविनाश शुक्ला के योगा सेंटर से ‘रामराज्य कोष’ लिखा एक लोहे का संदूक बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, अब तक आरोपियों के पास से 80 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है, जिसमें करीब 20 लाख रुपये अविनाश शुक्ला के पास से मिले। इस बीच, अविनाश शुक्ला के भाई का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अगस्त 2025 का है, जिसमें वह हाथ में नोटों की गड्डियां लिए दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इसकी भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित चोरी कितने समय से चल रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
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