IPS Ajaypal Lamba: रेप का दोषी आसाराम आज भी स्वास्थ्य के आधार पर अदालत से राहत पाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन जब-जब आसाराम का नाम सुर्खियों में आता है, तब-तब एक वर्दी की कहानी भी याद की जाती है। यह कहानी है राजस्थान कैडर के दबंग आईपीएस अजयपाल लांबा की, जिन्होंने न धमकियों के आगे घुटने टेके, न करोड़ों के लालच में झुके। उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य था पीड़िता को न्याय दिलाना। अपनी बेखौफ कार्यशैली, सटीक रणनीति और मजबूत टीम नेतृत्व के दम पर अजयपाल लांबा ने देश के सबसे चर्चित रेप मामलों में से एक को अंजाम तक पहुंचाया और आसाराम को कानून के शिकंजे तक ले आए।
जोधपुर की वह गिरफ्तारी जिसने बदल दी ‘गॉडमैन’ की कहानी
एक समय देश-विदेश में लाखों अनुयायियों द्वारा पूजे जाने वाले आसाराम बापू की गिरफ्तारी और सजा की पूरी कहानी अब एक किताब के जरिए सामने आई। राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजयपाल लांबा ने अपने अनुभवों को ‘Gunning for the Godman: The True Story Behind Asaram Bapu’s Conviction’ नामक पुस्तक में दर्ज किया है। यह किताब 5 सितंबर 2020 को लॉन्च हुई जिसने कई राजो को अब सामने लाकर रख दिया है।

IPS Ajaypal Lamba: 2013 में संभाली थी सबसे चर्चित जांच की कमान
साल 2013 में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद जोधपुर पुलिस ने 1 सितंबर को आसाराम को गिरफ्तार किया था। उस समय अजयपाल लांबा जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी (ईस्ट) थे और पूरे मामले की निगरानी उनकी देखरेख में हुई। केस ऑफिसर स्कीम के तहत जांच को प्राथमिकता दी गई और आरपीएस अधिकारी चंचल मिश्रा को जांच अधिकारी बनाया गया।
गहन जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और मजबूत अभियोजन के आधार पर अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वह पिछले 13 वर्षों से जेल में बंद है।
IPS Ajaypal Lamba: पूछताछ में रो पड़ा आसाराम, बोला- ‘गलती कर दी थी’
किताब में एक महत्वपूर्ण घटना का जिक्र है। गिरफ्तारी के बाद जब आसाराम को पूछताछ के लिए कमरे में लाया गया और जमीन पर बैठाया गया, तब उसे एहसास हो गया कि अब कोई विशेष सुविधा नहीं मिलने वाली।
किताब के अनुसार, जब डीसीपी अजयपाल लांबा कमरे में पहुंचे तो आसाराम भावुक हो गया और बोला, “डीसीपी साहब, ऐसा मत करो।” इस पर लांबा ने पूछा, “बाबा, जल्दी बताओ कि यह सब कैसे किया?” जवाब में आसाराम ने कथित तौर पर कहा, “गलती कर दी थी मैंने।”

धमकियां भी मिलीं, करोड़ों का लालच भी
आईपीएस अजयपाल लांबा ने पुस्तक में दावा किया है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें और जांच अधिकारी चंचल मिश्रा को लगातार जान से मारने की धमकियां मिलीं। विदेशों से भी धमकी भरे फोन आए। इतना ही नहीं, परिवार को भी डराने की कोशिश की गई।
किताब के मुताबिक, आसाराम के समर्थकों ने जांच प्रभावित करने के लिए भारी रकम की पेशकश भी की। कथित तौर पर कहा गया कि “जितना सोच सकते हैं, उससे ज्यादा पैसा मिलेगा, बस बाबा को गिरफ्तार मत कीजिए।” लेकिन पुलिस टीम अपने फैसले पर अडिग रही।

किताब पर रोक लगाने की भी हुई कोशिश
किताब प्रकाशित होने से पहले ही आसाराम के कुछ अनुयायियों ने अदालत में याचिका दायर कर इसके प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद पुस्तक के प्रकाशन और बिक्री की अनुमति दे दी गई।
सुप्रीम कोर्ट से मिली है सीमित राहत
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से आसाराम को एक मामले में सीमित राहत दी है, ताकि वह अदालत की शर्तों के अनुसार इलाज करा सके। हालांकि नाबालिग से दुष्कर्म के दूसरे मामले में सजा बरकरार है और वह जेल में ही है।
यह भी पढे़ : IPS Story: कौन हैं आईपीएस दिव्या देव? 35 साल पुराने सरला भट्ट मर्डर केस की जांच को पहुंचाया मुकाम








