Home » डिफेंस » भारतीय सेना को मिलेगी हैमर मिसाइलें, रक्षा खरीद पर आज होगी बड़ी बैठक

भारतीय सेना को मिलेगी हैमर मिसाइलें, रक्षा खरीद पर आज होगी बड़ी बैठक

DAC Meeting:

DAC Meeting: रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में कई बड़े रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इस बैठक में हैमर प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइल, वर्बा एयर डिफेंस सिस्टम, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM), स्यूडो सैटेलाइट और ड्रोन रोधी प्रणालियों समेत कई आधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीद पर फैसला लिया जा सकता है। इन प्रस्तावों के लागू होने से भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की मारक क्षमता और निगरानी व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कई महीनों बाद हो रही इस अहम बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल राजा सुब्रमणि, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन पहली बार अपने नए पद पर शामिल होंगे।

DAC Meeting: स्वदेशी MP-ATGM परियोजना को मिल सकती है मंजूरी-

बैठक में डीआरडीओ द्वारा विकसित मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM) परियोजना को मंजूरी मिलने की संभावना है। करीब 2,600 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत सेना को 100 लॉन्चर, 2,300 मिसाइलें और पांच सिमुलेटर मिलेंगे। इनका निर्माण भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) करेगी, जबकि निजी कंपनियों की भी इसमें भागीदारी होगी।

DAC Meeting: राफेल और तेजस की ताकत बढ़ाएंगी हैमर मिसाइलें-

डीएसी के सामने करीब 600 हैमर प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलों की खरीद का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। लगभग 2,400 करोड़ रुपये की लागत वाली इन मिसाइलों का निर्माण फ्रांस की सैफरन और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के सहयोग से भारत में किया जाएगा।
इन मिसाइलों से भारतीय वायुसेना के राफेल और एलसीए तेजस लड़ाकू विमान लैस होंगे, जबकि नौसेना इन्हें राफेल-एम विमानों के लिए इस्तेमाल करेगी। गौरतलब है कि गलवान संघर्ष के बाद इन मिसाइलों को आपात खरीद के तहत भी शामिल किया गया था।

वर्बा एयर डिफेंस सिस्टम से मजबूत होगी हवाई सुरक्षा-

थलसेना के लिए रूसी मूल के वर्बा वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) की खरीद पर भी मुहर लग सकती है। यह मौजूदा इगला मिसाइल प्रणाली का उन्नत संस्करण है और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को निशाना बनाने में सक्षम है। इसका उत्पादन भारत में अडाणी डिफेंस करेगी।

ड्रोन और स्यूडो सैटेलाइट पर भी होगा फैसला-

बैठक में सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो, कामिकाजी ड्रोन, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम, स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों से जुड़े उपकरण, फिक्स्ड-विंग स्यूडो सैटेलाइट और नेवल शिपबोर्न एरियल सिस्टम जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर भारतीय सशस्त्र बलों की निगरानी क्षमता, वायु रक्षा प्रणाली और सटीक हमला करने की ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़े- अन्ना हजारे की चेतावनी के आगे झुकी महाराष्ट्र सरकार, नए RTI नियमों पर लगाई रोक